प्रभावित क्षेत्रों के लोग सुरक्षित स्थानों पर तलाशते रहे ठिकाना
आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से यमुना, एक सेंटीमीटर बढ़ती रही गंगा
हरिद्वार, नरौरा, कानपुर से छोड़ा गया तकरीबन तीन लाख क्यूसिक पानी
प्रयागराज। गंगा यमुना के बढ़ते जलस्तर का कहर बुधवार को भी जारी रहा, हालांकि गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने की गति बहुत धीमी रही। रात तकरीबन दस बजे गंगा का फाफामऊ में जलस्तर 80.90 मीटर तथा छतनाग में 79.96 मीटर जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 80.69 रिकार्ड किया गया।
इस बीच शाम छह से सात बजे के बीच गंगा का जलस्तर स्थित रहा लेकिन इसके बाद फिर दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा। बाढ़ नियंत्रण केंद्र के मुताबिक यमुना आधा सेंटीमीटर जबकि गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ना जारी रहा। हालांकि अनुमान है कि बृहस्पतिवार को दोनों ही नदियों का जलस्तर स्थिर रहेगा।
उधर, बुधवार को गंगा में हरिद्वार से 41,118 क्यूसिक, नरौरा से 91621 और कानपुर से दो लाख पांच हजार 608 क्यूसिक यानी तकरीबन तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया। गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र के अतिरिक्त पासपड़ोस के क्षेत्रों से लोगों ने अपना सामान हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पूरे दिन नदियों के जलस्तर को लेकर प्रभावित क्षेत्रों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।