गंगा-यमुना उफान पर हैं। सोमवार को संगम क्षेत्र के त्रिवेणी मार्ग, अक्षयवट मार्ग और जगदीश मार्ग पर कमर तक पानी आ गया। बड़े हनुमान मंदिर की चहारदीवारी के पास गंगा पहुंच गईं। उधर, मेला क्षेत्र में बनने वाले अस्थाई कार्यालय, पुलिस लाइन परिसर में भी पानी भर गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ प्रखंड के अधिशासी अभियंता ने दोपहर बाद कछारी इलाके के बघाड़ा, सलोरी-चांदपुर समेत कई बाढ़ प्रभावित स्थानों का दौरा किया। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।
संगमनगरी में गंगा-यमुना के जलस्तर में एक सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। सोमवार को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.690 मीटर रिकार्ड किया गया। छतनाग में गंगा 79.220 मीटर पर बह रही है। इसी तरह नैनी में यमुना का जलस्तर 79.970 मीटर पर पहुंच गया है। इससे कछारी इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ प्रखंड के एक्सईएन के मुताबिक कानपुर बैराज से सोमवार को फिर चार लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ दिया गया है। इससे बाढ़ की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में तहसीलदार और उपजिलाधिकारियों को लगातार भ्रमण करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही एनडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी को भी सतर्क कर दिया गया है।