तीन बार नोटिस मिला तो नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
0 चुनाव खर्च पर निगरानी के लिए इविवि प्रशासन बनाएगा कमेेटी
0 प्रचार-प्रसार पर रोक के बावजूद जगह-जगह लगे पोस्टर, बैनर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। छात्रसंघ चुनाव में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी करने वाले छात्र नेताओं को चुनाव लड़ने से वंचित होना पड़ सकता है। इविवि प्रशासन की ओर से ऐसे छात्र नेताओं को चिह्नित कर नोटिस जारी किए जाने की तैयारी हो रही है, जो रोक के बावजूद पोस्टर-बैनर और जुलूस के माध्यम से प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। किसी भी छात्र नेताओं को अगर तीन बार नोटिस जारी कर दिया गया तो उसे चुनाव लड़ने से वंचित होना पड़ेगा। इसके अलावा चुनाव खर्च पर निगरानी के लिए एक कमेटी का गठन भी होने जा रहा है।
इविवि प्रशासन की ओर से छात्रसंघ चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है। कार्यक्रम के अनुसार चुनाव प्रचार केवल तीन एवं चार अक्तूबर को किया जा सकता है। हालांकि विश्वविद्यालय परिसर के भीतर और बाहर प्रचार-प्रसार खुलेआम जारी है। संभावित प्रत्याशी छपे हुए पम्फलेट भी नहीं बांट सकते हैं। वे केवल हस्तलिखित हैंडबिल वितरित कर सकते हैं। पोस्टर-बैनर लगाए जाने पर भी रोक है लेकिन लक्ष्मी टॉकीज चौराहा, इंडियन प्रेस चौराहा, कचहरी चौराहा, हिंदू हॉस्टल चौराहा समेत शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर पोस्टर-बैनर लगे हुए हैं जबकि इविवि प्रशासन ने एक माह पहले चेतावनी जारी की थी कि संभावित प्रत्याशी पोस्टर-बैनर को स्वयं हटा लें। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने छात्र नेताओं को चिह्नित किया जा रहा है। उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और तीन बार नोटिस जारी होने पर संबंधित प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ सकेगा। इसके अलावा चुनाव खर्च पर निगरानी के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा।
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चुनाव में पढ़ाई-लिखाई मुश्किल
- इविवि परिसर में चुनाव तक पढ़ाई-लिखाई प्रभावित होगी। क्लास में जाकर चुनाव प्रचार करने या परिसर में जुलूस निकालने अथवा नारेबाजी करने पर रोक है लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में ये सभी काम हो रहे हैं। मंगलवार को तीन दिन बाद विश्वविद्यालय खुल जाएगा। चुनाव के लिए समय कम रह गया है, सो संभावित प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार से रोक पाना इविवि प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। संभावित प्रत्याशी लगातार कक्षाओं में जाकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
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स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों का नहीं बना आईकार्ड
- जिन छात्रों के आईकार्ड बनेंगे, उनके नाम ही वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। आईकार्ड प्रॉक्टर कार्यालय से बनाए जा रहे हैं लेकिन बीए, बीएससी एवं बीकॉम प्रथम वर्ष में नवप्रवेशियों की सूची प्रॉक्टर कार्यालय को अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। हालांकि मंगलवार को सूची प्रॉक्टर कार्यालय को उपलब्ध कराई जा सकती है। सूची मिलने के बाद ही नवप्रवेशियों के आईकार्ड बनाए जाएंगे।