डीएम के निर्देश के बावजूद नवाब यूसुफ रोड पर निर्धारित समय में एक लेन का भी काम पूरा नहीं हो सका। बृहस्पतिवार देर डीएम मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां के हालात देखकर भड़क गए। डीएम ने तत्काल प्रभाव से गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक और सभी अभियंताओं का वेतन रोक दिया। साथ ही जिले भर में विभाग के काम पर रोक लगाते हुए निर्देश जारी किए कि सभी अभियंता नवाबयूसुफ रोड के सुधार में लग जाएं ताकि सोमवार तक एक लेन पर ट्रैफिक का आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। डीएम ने विभाग के सभी प्रकार के भुगतान पर भी रोक लगा दी है।
नवाबयूसुफ रोड की दोनों पटरी को खोदकर छोड़ दिया गया है। ऐसे में पानी टंकी चौराहे पर जाम की समस्या और बढ़ गई है। रोज हजारों लोग जाम की भीषण समस्या से जूझ रहे हैं। डीएम संजय कुमार ने कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को निर्देश दिए थे कि रोड की एक लेन का काम आठ दिसंबर तक हर हाल पूरा कर लिया जाए लेकिन मियाद पूरी होने के बाद भी काम अधूरा रह गया। डीएम बृहस्पतिवार देर रात वहां निरीक्षण करने पहुंचे तो देखा कि तकरीबन 750 मीटर तक सड़क खोद कर छोड़ दी गई है।
इससे भड़के डीएम ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के जीएम एवं सभी अभियंताओं का वेतन रोक विभाग के सभी खातों को सीज करने का निर्देश दिया। जिले भर में विभाग के कार्यों पर रोक लगाते हुए जीएम एवं अभियंताओं को मौके पर कैंप करने को कहा। यह भी कहा कि वहां 24 घंटे तीन शिफ्टों में काम होगा और काम पूरा होने तक अन्य कार्यों के भुगतान नहीं होंगे। डीएम ने चेतावनी दी कि समय से काम पूरा नहीं हुआ तो अभियंताओं और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अभियंता अब निलंबित होंगे। नगर निगम को निर्देश दिए कि सोमवार तक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई काम पूरा होने के बाद निगम 20 दिसंबर तक अपने हिस्से का काम पूरा करेगा।
मुख्य सचिव का पहुंचा मामला
- डीएम ने सीडी-4 के अधिशासी अभियंता के खिलाफ मुख्य सचिव को पत्र लिखा है कि वह ठीक ढंग से काम नहीं कर रहे हैं और इससे शासन-प्रशासन की बदनामी हो रही है। मुख्य सचिव ने अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही पीडब्लयूडी के मुख्य अभियंता को भी निर्देश दिया है कि 24 घंटे कैम्प कर समय से काम पूरा कराएं।