हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को निर्देश दिया है कि बीटीसी सत्र 2015-16 के छात्रों के स्कालरशिप फार्म भरने हेतु ऑनलाइन डाटा बेस तैयार किया जाए। यदि डाटा बेस तैयार नहीं होता है तो छात्रों से ऑफ लाइन आवेदन फार्म स्वीकार किए जाएं। शिक्षा सत्र में विलंब होने के कारण छात्रों के फार्म ऑनलाइन स्वीकार नहीं हो रहे हैं। इसे लेकर छात्रों ने हाईकोर्ट की शरण ली। अदालत ने कहा कि सत्र में विलंब होने के आधार पर छात्रों को स्कॉरशिप देने से इंकार नहीं किया जा सकता।
ट्रिनटी इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन अबूपुर की याचिका न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता प्रतीक चंद्रा का कहना था कि सक्षम प्राधिकारी ने 12 अक्तूबर 2015 को संस्थान को बीटीसी कोर्स चलाने की मान्यता दी। सत्र 2015-16 की शुरुआत सितंबर 2016 से हुई। सत्र मेें विलंब होने के कारण ऑनलाइन स्कॉलरशिप फार्म स्वीकार नहीं हो रहा है। इसकी वजह से पूरे प्रदेश के बीटीसी छात्र स्कॉलरशिप पाने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे। कोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से कहा है कि वह डाटा बेस में संशोधन करें ताकि ऑनलाइन फार्म स्वीकार हो सकें। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो ऑफलाइन फार्म जमा कराए जाएं। सत्र में देरी के कारण स्कॉलरशिप नहीं रोकी जा सकती है।