गंगा गुरुकुलम में शिक्षकों की एकाग्रता एवं चिंतन विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। एक राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में शिक्षकों का विशेष योगदान रहता है। शिक्षकों की एकाग्रता एवं चिंतन उनके छात्र ही होते हैं।
गंगा गुरुकुलम में शिक्षकों की एकाग्रता एवं चिंतन विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। एक राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में शिक्षकों का विशेष योगदान रहता है। शिक्षकों की एकाग्रता एवं चिंतन उनके छात्र ही होते हैं। इसी विचारधारा को समेटे हुए गंगा गुरुकुलम के विवेकानंद सभागार में एक सेमिनार मैडम अर्पना त्यागी काउंसलिंग साइक्लोजिस्ट के द्वारा आयोजित किया गया।
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इस सेमिनार में उन्होंने बताया कि हमारे बच्चे भी भावनात्मक रूप से अनेक विचारधाराओं को समेटे हुए होते हैं। वह अपनी बातों को शिक्षकों या फिर माता.पिता से कहने में डरते हैं। जिससे उनका मानसिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है। हमें उन्हें समझने की अत्यंत आवश्यकता है। यदि हम उनकी भावनाओं को समझे तो हम उनके भावनात्मक भार का क्षरण करते हुए उनके बौद्धिक विकास को उन्नति प्रदान कर सकते हैं। विभिन्न गतिविधियों पर आधारित यह सेमिनार अत्यंत रूचिकर रहा। इस अवसर पर गंगा गुरुकुलम के सभी शिक्षकों समेत विद्यालय प्रधानाचार्य श्रीमती माधुरी श्रीवास्तव ए को.ऑर्डिनेटर तथा काउंसलर श्रुति विज तथा समृद्धि आदि शामिल रहीं।