गंगा गुरुकुलम के विवेकानंद सभागार में नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के लिए इंडकन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय की प्रधानाचार्या ने मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविय के लिए बातचीत की।
गंगा गुरुकुलम के विवेकानंद सभागार में नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के लिए इंडकन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय की प्रधानाचार्या ने मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविय के लिए बातचीत की। कार्यक्रम के अन्तर्गत नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का भी प्रस्तुतीकरण किया गया।
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विद्यालय की प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव ने अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि हमें बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए मिल-जुलकर काम करना है। बच्चों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास तभी संभव है जब उन्हें घर एवं विद्यालय दोनो जगह अच्छा माहौल मिले। आगे उन्होंने कहा कि हमारा विद्यालय बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनका आध्यात्मिक विकास भी करता है। इन्हीं बच्चों के हाथ में हमारे देा की बागडोर है। साथ ही उन्होंने विद्यालय के नियमों के विाय में भी अभिभावकों को इंगित किया।
रंगारंग कार्यक्रम के अन्तर्गत दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही ज्ञान की देवी मां सरस्वती की वंदना की गई। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। फिर कक्षा 6 से 8 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने श्रीमद्भगवतगीता के लोकों का वाचन कर सभी को भारतीय संस्कृति की गरिमा का अनुभव कराया। पी.पी.टी. द्वारा गत र्वा की विद्यालयीय उपलब्धि पर प्रकाा डाला गया। कार्यक्रम की विविधता को दर्शाते हुए कक्षा 9 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों द्वारा अंग्रेजी गीत प्रस्तुत किया गया जिसमें बच्चों ने संगीत एवं स्वर के माध्यम से अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया।
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कार्यक्रम की अगली कड़ी में कक्षा 3 से 8 तक के नवप्रवेाी विद्यार्थियों की नृत्य प्रस्तुति ने समस्त र्दाकों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी भेष-भूषा और सुन्दर तालमेल ने कार्यक्रम को और भी आर्काक बना दिया। कार्यक्रम को पूर्णता देते हुए कक्षा 6 से 8 तक के नवप्रवेशी विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय गीत प्रस्तुत किया गया जिसने सभी में गर्व एवं आत्मीयता की भावना भर दी। इस प्रकार समस्त कार्यक्रम अत्यन्त सफल, मनोरंजक एवं प्रेरणादायक रहा।
अन्त मेें विद्यालय की संयोजिका श्रीमती रिंकू श्रीवास्तव ने अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए शुभकामनाएं दीं एवं उनसे कहा कि बच्चों का भविष्य केवल विद्यालय या केवल अभिभावकों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि दोनों को मिलकर ऐसे सकारात्मक माहौल का निर्माण करना है जिसमें बच्चों का भविय सुरक्षित हो सके। साथ ही उन्होंने अनुाासन के महत्व को बताते हुए अभिभावकोें से आग्रह किया कि वे बच्चों को सकारात्मक माहौल दें एवं उन्हें इलेक्ट्रोनिक गैजेट की अपेक्षा पुस्तकों पर निर्भर होना सिखाएं।