महाकुंभ में पहुंचना होगा आसान
विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से चार राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज महाकुंभ तक का सफर आसान हो जाएगा। महाकुंभ-2025 में तकरीबन 66 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आए थे। भीड़ व ट्रैफिक का दबाव इतना अधिक था कि मध्य प्रदेश तक जाम लगा और तीन से चार घंटे का सफर पूरा करने में लोगों को दो दिन लग गए। विंध्य एक्सप्रेसवे बनने से यूपी की सीमा से जुड़े राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक आने में काफी सहूलियत होगी।
पर्यटन व उद्योगों के लिए खुलेंगे नए रास्ते
गंगा एक्प्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे को एक-दूसरे से लिंक किए जाने से पर्यटन व उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। औद्योगिक इकाइयों के लिए परिवहन काफी सुलभ हो जाएगा। समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए प्रयागराज में 84 गांवों का होगा अधिग्रहण
विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज में सोरांव, फूलपुर, हंडिया तहसील के रास्ते होते हुए भदोही व मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। एक्सप्रेसवे के लिए तीन तहसीलों के जिन 84 गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, उनमें तहसील सोरांव के 29, फूलपुर के 24 और तहसील हंडिया के 31 गांव हैं। जिला प्रशासन की ओर से इन गांवों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इनमें से 71 गांवों के एलाइनमेंट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।