गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी से संगमनगरी में बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। शुक्रवार रात आठ बजे तक यमुना का जलस्तर नैनी में 80.59 मीटर गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 80.87 मीटर और छतनाग में 80.17 मीटर पहुंच गया। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। खतरे का निशान 84.734 मीटर है।
शुक्रवार सुबह आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 80.32 मीटर था जो रात आठ बजे तक 27 सेमी बढ़कर 80.59 मीटर हो गया। इसी तरह फाफामऊ में गंगा 80.73 से बढ़कर 80.87 मीटर और छतनाग में 79.97 से बढ़कर 80.17 मीटर पहुंच गई। एसटीपी बक्शी बांध का जलस्तर भी 80.51 से बढ़कर 80.74 मीटर हो गया।
गंगा के जलस्तर में आज और वृद्धि के आसार
कानपुर गंगा बैराज से शुक्रवार को करीब 3.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से प्रयागराज में शनिवार तक गंगा के जलस्तर में और वृद्धि के आसार हैं। नरौरा बैराज से करीब 1.34 लाख क्यूसेक और हरिद्वार से करीब 96 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना है। इससे गंगा के तटीय और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
चार घंटे में भी जारी रही बढ़ोतरी
शुक्रवार शाम चार से रात आठ बजे के बीच भी नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। नैनी में यमुना आठ सेमी, फाफामऊ में गंगा छह सेमी और छतनाग में गंगा छह सेमी बढ़ी। एसटीपी बक्शी बांध पर भी जलस्तर आठ सेमी बढ़ा।
राहत चौकियों को किया गया सक्रिय : डीएम
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। सभी उपजिलाधिकारियों और राजस्व कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए कहा गया है। बाढ़ प्रभावित या संभावित प्रभावित लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों और प्रशासन की ओर से बनाए गए शरणार्थी शिविरों में पहुंचें। शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।