इलाहाबाद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 67वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को बड़े ही सद्भावना तरीके से मनाई गई। बालसन चौराहे पर स्थिति उनकी प्रतिमा के सामने जुटे कांग्रेसियों ने श्रद्धांजलि दी और उनके योगदानों को याद किया। शहर उत्तरी के विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि राष्ट्रपिता ने देशवासियों को उदारता एवं मानवता का पाठ पढ़ाया।
उन्होंने अपना पूरा जीवन अन्याय और शोषण के खिलाफ समाज की भलाई में लगा दिया। विधायक ने उनके सिद्धांतों को अपनाने की वकालत की। प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य किशोर वार्ष्णेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने हमेशा गांधी की विचारधारा को चुनौती दी और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमा मंडित किया। उन्होंने ऐसे संगठनों का समाज द्वारा बहिष्कार कर दिया जाना चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन मीडिया प्रभारी परवेज अहमद सिद्दकी ने किया। इस दौरान सर्व-धर्म प्रार्थना का आयोजन भी किया और बापू के प्रिय गीत ‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम’ तथा ‘दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल गाए गए।’ समारोह में सचिव अभिषेक शुक्ला, डॉ. रमेश जायसवाल, केशवलाल, सैयद इरफानुल हक, अतुल तिवारी, एजाजुल हक, अजय मिश्रा, एसएस मालवीय आदि मौजूद रहे।
बापू की पुण्यतिथि को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पूरी सादगी के साथ मनाया। उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण करते हुए उनके प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उनके बताए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया। न्यायमूर्तियों ने कोर्ट चलने के दौरान दोपहर एक बजे दो मिनट का मौन भी रखा। मानव एकता संघ, अखिल भारतीय गांधी विचार आंदोलन मंच ने भी गांधी को यादव किया। इस मौके पर रमेश नारायण श्रीवास्तव, मेवालाल गुप्त, उमाशंकर, आलोक श्रीवास्तव, रमेश चंद्र केसरवानी, कल्पना श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के साथ विभिन्न सरकारी दफ्तरों, अर्ध सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थाओं एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में दो मिनट का मौन रखा गया।