दोनों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना नाम आशीष कुमार गुप्ता व नरेश कुमार सरोज बताया। हालांकि थाने लाकर तलाशी लेने पर उनके पास मो. मोनिश और समीर नाम के दो आधार कार्ड मिले। कड़ाई से पूछताछ में पता चला कि वह यह काम पूरामुफ्ती स्थित इस्लामिया हिमदादिया मदरसा के शिक्षक गाजी के कहने पर कर रहे थे और उन्हें इस काम के लिए पैसे भी मिलते थे। पुलिस ने गाजी को करेली के जीटीबी नगर स्थित उसके घर से पकड़ा तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
पता चला कि वह इस्लाम धर्म काे बढ़ा-चढ़ाकर और हिंदू धर्म की उपेक्षा करने वाले लेखों से संबंधित किताबें व पम्फलेट बंटवाता था। आरोप यह भी है कि इन किताबों में हिंदू ग्रंथों के श्लोकों के गलत अर्थ भी प्रकाशित कराए जाते थे। इसका मकसद लोगों को बरगलाकर धर्मांतरण के लिए उकसाना होता है।
यह हुए गिरफ्तार
1- महमूद हसन गाजी पुत्र मो. अहसन निवासी मातीनपुर, किशनदासपुर थाना हुसैनगंज फतेहपुर, वर्तमान पता- जीटीबी नगर करेली।(सरगना)
2- मो. मोनिश उर्फ आशीष कुमार गुप्ता निवासी सुदनीपुर कला, हनुमानगंज थाना सरायइनायत, वर्तमान पता- जीटीबी नगर करेली।
3- समीर उर्फ नरेश कुमार सरोज पुत्र दुलारे निवासी छोटा लालापुर, चायल थाना पिपरी कौशाम्बी
बरामदगी
204 संदिग्ध धार्मिक किताबें, तीन मोबाइल फोन, चार आधार कार्ड, 2600 नकद,एक ठेला व एक डायरी
इस्लामिक संगठन का जोनल सचिव है एक आरोपी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मो. मोनिश व समीर इस्लामिक संगठन से भी जुड़े हैं। मोनिश स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन की पूर्वी उप्र इकाई का जोनल सचिव है। जबकि समीर इसका सक्रिय सदस्य है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में बताया है कि वह लंबे समय से यह काम कर रहे थे। इसके लिए उन्हें हर महीने पांच-पांच हजार रुपये मिलते थे। उन्होंने बताया कि सरगना गाजी उन्हें यह साहित्य ज्यादातर हिंदू धार्मिक स्थलों के आसपास बांटने के लिए कहता था।
पूछताछ में सरगना ने अबूधाबी से फंडिंग की बातें बताई हैं। उनके खिलाफ धर्म के आधार पर वैमनस्यता फैलाने समेत अन्य आरोपों और विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दारागंज थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। कोर्ट के आदेश से उन्हें जेल भेज दिया गया है।- सतीश चंद्र, एडीसीपी अपराध