यहां टीम ने एक दुकान पर पहुंचकर ग्रीन पटाखे मांगे तो दुकानदार इसका मतलब ही नहीं समझ पाया। बढ़िया क्वालिटी का पटाखा मांगने पर उसने एक डिब्बा पकड़ाते हुए कहा कि इससे धमाकेदार आवाज होगी। यह पूछने पर कि तेज आवाज वाले पटाखों पर तो रोक है, उसका कहना था कि सब चलता है। इसी तरह एक दुकान पर पहुंचकर ग्रीन पटाखों केबारे में पूछा गया तो उसने अजीब ही जवाब दिया। उसका कहना था कि जिन पटाखों में ग्रीन रोशनी होती है, वह ही ग्रीन पटाखे हैं।
बिना ‘ग्रीन क्रैकर’ केलोगो वाले पटाखों की भी बिक्री
एंग्लो बंगाली कॉलेज में लगे पटाखा बाजार स्थित दुकानों में कई ऐसे पटाखे भी बिकते मिले जिन पर ‘ग्रीन क्रैकर’ का लोगो नहीं लगा था। जानकारों का कहना है कि लोगोयुक्त पटाखे यह सुनिश्चित करते हैं कि उनसे वायु प्रदूषण आम पटाखों से कई गुना कम होता है। हालांकि जब दुकानदारों से पूछा गया तो उन्होंने दावा किया बिना लोगो वाले पटाखे भी इकोफ्रेंडली हैं।