बेली अस्पताल की पूर्व सीएमएस को डिजिटल अरेस्ट कर 1.78 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह ने रकम को एक-दो नहीं, बल्कि 30 से अधिक खातों में ट्रांसफर की थी। साइबर पुलिस की जांच में अलग-अलग खातों में रकम भेजने की जानकारी सामने आने के बाद अब पुलिस इन खातों और उनके संचालकों की कड़ियां खंगाल रही है। गिरफ्तार आयुष अवस्थी से पूछताछ के बाद फरार आरोपियों की तलाश में लखीमपुर खीरी, पीलीभीत समेत कई शहरों में दबिश दे रही है।
मामले में लखीमपुर खीरी निवासी निशांत त्रिवेदी और पीलीभीत के दुधिया खुर्द बंजरिया निवासी राजन शुक्ला को वांछित किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए साइबर पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। पुलिस को आशंका है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की रकम के इस्तेमाल से जुड़ी अहम जानकारी सामने आ सकती है।
साइबर पुलिस ने लखीमपुर खीरी से आयुष अवस्थी को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि उसकी मैनपावर सप्लाई कंपनी के करंट खाते में भी ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने कई खातों की पड़ताल शुरू की तो रकम के लेनदेन की कड़ियां कई अधिक खातों तक पहुंच गईं। अब पुलिस इन खातों में रकम आने और वहां से आगे ट्रांसफर होने की पूरी जानकारी जुटा रही है।