औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीमेंट की पाइप बनाने वाली कंपनी के अंदर एक वृद्ध ने खुद को लाइसेंसी बंदूक से गोली मार ली। वह बीते कई सालों से बकाया लाखों रुपये लेने के लिए पत्नी के साथ गया था। सूचना पाकर पुलिस के साथ गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ देर में एसीपी करछना के साथ फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की। पुलिस ने लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में ले लिया है। वहीं आक्रोशित लोगों ने कंपनी में तोड़फोड का प्रयास किया।
औद्योगिक क्षेत्र पुलिस के अनुसार, नेवादा समोगर में हर्षित अग्रवाल और सुनील अग्रवाल की कृष्ण श्री कंक्रीट उद्योग कंपनी है। इसमें लवायन खुर्द चटकहना निवासी 67 वर्षीय रमेश मिश्र ने गिट्टी व बालू की सप्लाई की थी। उसका कंपनी पर लाखों रुपये बकाया था। बृहस्पतिवार को उन्हें बकाया पैसा देने के लिए कंपनी में बुलाया गया था।
वह अपनी पत्नी शकुंतला के साथ गांव के ही प्रमोद मिश्रा के साथ ई-रिक्शा से वहां पहुंचे थे। शकुंतला देवी कंपनी के बाहर रोड पर ही बैठी थी और वे अकेले अंदर चले गए। वहां कोई भी जिम्मेदार नहीं मिला। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई तो पत्नी शकुंतला देवी व प्रमोद भाग कर कंपनी के गेट पर पहुंचे। देखा के रमेश खून से लथपथ थे और पास में लाइसेंसी बंदूक पड़ी थी।
सूचना पाकर एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह, थानाध्यक्ष कमलेश पटेल व फाॅरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस ने मृतक के समीप से लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया। आक्रोशित लोगों को देखकर उन्हें समझाते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार वालों ने बताया कि कंपनी प्रबंधक से पैसे का लेनदेन था। बीते कई सालों से लाखों रुपये बकाया था, जिससे वे काफी परेशान रहते थे। मृतक के एक बेटा व दो बेटी है।
एसओ औद्योगिक क्षेत्र कमलेश पटेल ने बताया कि बकाया पैसे को लेकर मृतक परेशान चल रहा था। परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मृतक काे कंपनी प्रबंधन से बकाया पैसा लेना था। बृहस्पतिवार को वह पत्नी के साथ ई-रिक्शा से बकाया पैसा लेने के लिए कंपनी आए थे। यहां किसी के न मिलने पर खुद की लाइसेंसी बंदूक से अपने ऊपर फायर कर लिया। फुटेज मे दिखाई दे रहा है कि पहला फायर मिस हो गया था। दूूसरे फायर में उनकी मौत हो गई। परिजनों द्वारा तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।-सुनील कुमार सिंह, एसीपी करछना