बारिश और माल भाड़े में बढ़ोतरी से शहर के फल बाजारों में आवक थोड़ी सुस्त हो गई है जिससे दामों में तेजी आ गई है। बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। फलों के महंगे होते ही मुंडेरा मंडी में भी खरीदारों की चहल-पहल काफी कम हो गई है।
बारिश और माल भाड़े में बढ़ोतरी से शहर के फल बाजारों में आवक थोड़ी सुस्त हो गई है जिससे दामों में तेजी आ गई है। बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। फलों के महंगे होते ही मुंडेरा मंडी में भी खरीदारों की चहल-पहल काफी कम हो गई है। बाजार में कुछ दिन पहले तक 230 रुपये किलो बिकने वाला सेब अब 250 रुपये के पार पहुंच गया है। अनार और अंगूर भी 200 रुपये किलो से ऊपर बिक रहे हैं। 80 से 100 रुपये किलो बिकने वाला चौसा आम अब 120 से 130 रुपये किलो हो गया है।
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नाशपाती भी 100 से 120 रुपये किलो के भाव से बिक रही है। सेवानिवृत्त शिक्षक एनपी त्यागी बताते हैं कि कुछ दिन पहले तक केला 50 से 60 रुपये दर्जन मिल रहा था। अब यह 60 से 70 रुपये दर्जन हो गया है। अच्छी क्वालिटी का केला 80 रुपये दर्जन तक मिल रहा है।
फल कारोबारियों के अनुसार, सप्लाई बाधित होने की वजह से दामों में यह बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फल व्यापारी चंदन गुप्ता और रमेश अग्रहरि ने बताया कि बारिश के कारण कई राज्यों से समय पर माल नहीं पहुंच पा रहा है। इससे खुदरा बाजार में किल्लत बढ़ गई है। वहीं, मुंडेरा मंडी के थोक कारोबारी सतीश चंद्र कुशवाहा का कहना है कि बारिश के मौसम में फलों की आवाजाही प्रभावित होने से दाम बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि कुछ दिनों में हिमाचल और कश्मीर से नए सेब की आवक शुरू हो जाएगी। इससे सेब के दामों में गिरावट आने की संभावना है।