लजीज व्यंजनों के लिए जाना जाता है पुराना शहर
छोटे-छोटे ठेलों पर बिकने वाले आलू-पनीर के कटलेट खाने के लिए लोग शहर के हर हिस्से से खिंचे चले आते हैं। गर्मी हो या बरसात या फिर ठंड का मौसम, यहां की गलियां अपने लजीज खानपान सामग्रियों के चलते स्वाद के दीवानों के आकर्षण में बनी रहती हैं। दूसरे देशों में बसे यहां के खानपान के प्रेमी, कुरियर के माध्यम तक से हरी व मातादीन जैसे प्रतिष्ठïानों के उत्पादों का लुत्फ उठाते हैं।
पुराने शहर के दूसरे छोर पर बसे सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस, उससे आगे कटरा, कर्नलगंज, तेलियरगंज होते हुए फाफामऊ और दूसरी ओर धूमनगंज से लेकर गंगा किनारे बसे झूंसी और यमुना किनारे बसे नैनी तक की गलियां व चौराहे भी अपने तरह-तरह के लजीज व्यंजनों के लिए जाने जाते हैं। पुराने शहर के लोकनाथ की तरह कटरा इलाका भी अपनी चटोरी गलियों के लिए जाना जाता है। इस इलाके में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की मौजूदगी से छात्रों की बड़ी संख्या है। ऐसे में यहां स्ट्रीट फूड की धमक सिर चढक़र बोलती है। यहां बंद-मक्खन से लेकर कचौड़ी-पूड़ी, छोला-भटूरा और चाट की दुकानों की लंबी फेहरिश्त है।
पंडितजी चाट भंडार में पूरे शहर से आते हैं लोग
चाट की कई नामचीन दुकानें शहर के इसी हिस्से में हैं। कर्नलगंज के पंडित जी चाट वाले हों या फिर सुनील चाट कॉर्नर, यहां पुराने शहर तक से लोग खुद को आने से नहीं रोक पाते हैं। कटरा चौराहे पर स्थित नेतराम की मिठाइयों व कचौड़ी के दीवाने भी कम नहीं हैं। लोकनाथ व कटरा को मध्यम व निम्न मध्यम वर्गीय वर्ग की जेब के हिसाब वाला बाजार माना जाता हैं।
यहां के लजीज व्यंजनों को छकने के लिए आते तो बड़े-बड़े लोग हैं लेकिन यहां सामान्य से सामान्य व्यक्ति के स्वाद का भी भरपूर इंतजाम है। कटरा, कर्नलगंज से आगे बालसन, सोहबतिया बाग, मधवापुर सब्जी मंडी (सीएमपी डिग्री कॉलेज से आगे) व मेडिकल चौराहा तथा अलोपीबाग तक स्वाद के तमाम स्वादिष्टï अड्डे हैं। इन्हीं में से देहाती रसगुल्ला, जायसवाल डोसा, केसरवानी चाट के चाहने वाले लाखों में हैं। वहीं, सिविल लाइंस स्थित पुराना कॉफी हाउस, एलचिको, कामधेनु स्वीट्स, पैराडाइज और हीरा हलवाई जैसे स्वाद के अड्डों की धमक भी दूर-दूर तक है। वेज के साथ-साथ नॉनवेज प्रेमी भी दिन में एक न एक चक्कर जरूर इन इलाकों का लगा जाते हैं।
स्वाद के यह नाम हर जुबां पर रटे
हरी नमकीन, मातादीन की गजक, राजाराम लस्सी, देहाती रसगुल्ला, हीरा हलवाई, नेतराम, सुलाकी, पंडित जी की चाट, केसरवानी चाट, चंद्रलोक चौराहे की कचौड़ी, कामधेनु स्वीट्स, तंदूर, बाबा बिरयानी, पैराडाइज, एलचिको, पुराना कॉफी हाउस, सागर रत्ना आदि।
स्वाद के अड्डों में कई नए नाम भी जुड़े
सिविल लाइंस इलाके में देखते ही देखते स्वाद के कई बड़े अड्डïे खुल गए हैं। इनमें फास्ट फूड से लेकर खानपान के कई अन्य दूसरे प्रतिष्ठïान शामिल हैं। इस फेहरिश्त में बीकानेरवाला, हल्दीराम, डोमिनोज, मैकडोनल, केएफसी, आर्यन, बाटी-चोखा जैसे कई नाम जुड़ गए हैं।