देश के सर्वाधिक व्यस्त दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के एनसीआर जोन में चलने वाली मालगाड़ियां अगले माह से ईस्टर्न डेडीक्रेटेड फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी ) पर चलनी शुरू हो जाएंगी। इस रूट के कानपुर के निकट भाऊपुर से दादरी के बीच ईडीएफसी पर मालगाड़ी संचालन शुरू होने के बाद एनसीआर रूट पर चलने वाली तमाम मालगाड़ियां ईडीएफसी पर ही शिफ्ट कर दी जाएंगी। ऐसे में जब देश में कोरोना काल के बाद रेल संचालन सामान्य होगा तो मालगाड़ियों की वजह से दिल्ली-हावड़ा रूट पर चलने वाली यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी में भी काफी सुधार होगा।
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने शुक्रवार को वर्चुअल प्रेस कांफ्रेस में बताया कि ईडीएफसी पर अगले माह से भाऊपुर से दादरी तक मालगाड़ी संचालन शुरू हो जाएगा। जबकि भाऊपुर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय तक दिसंबर 2021 तक मालगाड़ी का संचालन शुरू हो जाएगा। जीएम ने बताया कि एनसीआर के प्रमुख रेलमार्ग दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई पर जून 2023 तक सभी यात्री ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा हो जाएगी। इस दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है। वर्तमान समय एनसीआर में 100 ट्रेनें ऐसी हैं जो अधिकतम 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हैं।
इस दौरान जीएम ने लॉकडाउन के दौरान एवं उसके बाद मालभाड़ा एवं रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए किए गए कार्यों का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय जोन में मालगाड़ियों की औसत स्पीड 47 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई है। अगले माह इसे 50 किमी प्रतिघंटा तक पहुंचा दिया जाएगा। बीते वर्ष की तुलना में मालगाड़ियों की औसत स्पीड में दोगुनी से ज्यादा वृद्धि अब तक हो चुकी है। जीएम ने कहा कि वर्तमान समय सीमित संख्या में यात्री ट्रेन संचालन होने की वजह से पिछले वर्ष की तुलना में यात्री आय में काफी गिरावट हुई है, हालांकि माल लदान से होने वाली आय बढ़ी है। बिजनेस डेवलप यूनिट की वजह से ही सात करोड़ की आय एनसीआर ने अर्जित की।
राज्य सरकार की अनुमति के बाद ही मुंबई के लिए चलेगी दुरंतो
जीएम एनसीआर ने मुंबई रूट की ट्रेनों में यात्रियों की लंबी प्रतीक्षा सूची को लेकर दुरंतो एक्सप्रेस चलाए जाने के सवाल के जवाब में कहा कि इसके लिए महाराष्ट्र सरकार की अनुमति जरूरी है। लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन चलाने पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार से बात की जाएगी।