उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के झांसी वैगन मरम्मत कारखाने ने ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) की कार्य स्थितियों में क्रांतिकारी सुधार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कारखाने द्वारा विकसित मॉडिफाइड ब्रेक वैन (बीवीजेडआई एवं बीवीसीएम) के पहले सफल प्रोटोटाइप की सफलता के बाद अब रेलवे बोर्ड ने राष्ट्रव्यापी अपग्रेडेशन का निर्देश जारी किया है। इसी क्रम में एनसीआर की झांसी वर्कशॉप को कुल 400 मॉडिफाइड ब्रेक वैन तैयार करने का बड़ा आर्डर मिला है। एनसीआर प्रशासन इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
खास बात यह है एनसीआर अब तक 42 ब्रेक वैन सफलतापूर्व तैयार भी कर चुकी है। अलग-अलग जोनल रेलवे को यह जल्द ही यह आवंटित हो जाएंगे। मात्र पांच लाख रुपये की लागत से प्रत्येक ब्रेक वैन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। एनसीआर के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के निर्देशन और नेतृत्व में तैयार संशोधित ब्रेक वैन में ट्रेन मैनेजरों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इनमें 360-डिग्री घूमने वाली आरामदायक गार्ड चेयर और विशेष फुट रेस्ट लगाए गए हैं।
साथ ही, पंखे और लाइट के निर्बाध संचालन के लिए सोलर पैनल भी लगाया गया है। केबिन के भीतर फ्लीट ग्राफिक्स फिल्म, टिकाऊ पॉलियामाइड एपॉक्सी रेज़िन फ़्लोरिंग और बेहतर गुणवत्ता वाला कमोड जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इसके अलावा वॉकी-टॉकी स्टैंड, बोतल होल्डर, कोट हुक, ग्रैब हैंडल और यूनिवर्सल की वाले डोर लॉक जैसी अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
‘ इस अभिनव पहल से ट्रेन मैनेजरों का दैनिक कार्य अनुभव बेहतर होने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। 400 मॉडिफाइड ब्रेक वैन तैयार करने का आर्डर एनसीआर को मिला है।’
- डा. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर।