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कोरोना काल में 33 केंद्रों से इम्युनिटी बूस्टर आयुर्वेदिक दवाओं का नि:शुल्क वितरण

Wed, 12 May 2021 10:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • जिले आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में शंसमनी बटी, आयुष 64, आयुष क्वाथ, अणुतेल आदि उपलब्ध
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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आयुष विभाग ने कोरोना काल में इम्युनिटी बूस्टर आयुर्वेदिक दवाओं का नि:शुल्क वितरण शुरू कराया गया है। जिले के 33 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में शंसमनी बटी, आयुष 64, आयुष क्वाथ, अणुतेल आदि दवाओं की उपलब्धता करा दी गई है। प्रभारियों को टीम बनाकर घर-घर दवाओं का वितरण कराने का काम दिया गया है। 

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क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी डॉ. शारदा प्रसाद के निर्देशन में करीब 15 दिन पहले इम्युनिटी बूस्टर दवाओं का वितरण शुरू कराया गया। अब ग्रामीण अंचलों में घर-घर दवाओं के वितरण ही नहीं लोगों का स्वास्थ्य भी जांचा जा रहा है। आयुर्वेद चिकित्सालय धीनपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि संक्रमण से बचाव में आयुर्वेदिक दवाएं कारगर हैं। लोगों को संक्रमण से बचने के लिए जो इम्युनिटी बूस्टर दवाएं दी जा रही हैं, उनके उपयोग का तरीका और मास्क, सैनिटाइजर, हाथ धोने के फायदे भी बताए जा रहे हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि यदि संक्रमण की पुष्टि होती है तो तुरंत एलथ्री या एलथ्री अस्पताल में इलाज कराएं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक शंसमनी बटी का मुख्य घटक गिलोय है, जिसके नियमित उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बुखार में भी यह दवा कारगर है। आयुष क्वाथ में तुलसी, दालचीनी, सोंठ, काली मिर्च का सही अनुपात में मिश्रण है, जो काढ़े के रूप में लिया जा सकता है। इसी तरह आयुष 64 में चिरायता, लताकरंज आदि घटक हैं, जो सभी प्रकार के ज्वर और लिवर संक्रमण को रोकने में सहायक हैं। अणु तेल नाक में डालने और गरारा करने में 
प्रयुक्त करने की सलाह दी जाती है। उन्होंने  बताया कि शहरी तथा ग्रामीण केंद्रों पर दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध हैं। गांवों में घर-घर वितरण किया जा रहा है।
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काढ़ा - फोटो : amar ujala

वायरल संक्रमण से बचाव को घर-घर हो धूपन कर्म, पीएम को भेजा पत्र

कोरोना संक्रमण काल में लोगों को वायरल दुष्प्रभाव से बचाने के लिए आयुर्वेंद का धूपन कर्म यानी हवन जरूरी है। वातावरण के शुद्धीकरण में इसकी उपयोगिता पौराणिक ग्रंथों में उल्लखित है। विश्व आयुर्वेद परिषद ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने तथा लोगों को वायरल जनित बीमारियों से बचाने के लिए देश भर में एक सप्ताह तक नियमित धूपन कर्म अभियान शुरू करने पर जोर दिया है। इस संबंध में विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ जीएस तोमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेवा को पत्र भेजा है।

डॉ. तोमर के मुताबिक मानकीकृत धूपन योग अभियान को देश भर में एक साथ चलाया जाए तो संक्रमण प्रसार की दर निचले स्तर पर आ सकती है। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय हंडिया के प्राचार्य रहे डॉ. तोमर ने  बताया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने शोधपरक कार्य कराए। जिसमें डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए धूपन कार्य के सार्थक परिणाम सामने आए थे। उन्होंने बताया कि नीम, सरसों, राई, गूगल, राल, लोबान, कपूर, आम, भिलावा, चक्कड़, कालमेघ,चिरायता आदि औषधियों के मिश्रण से एक धूप योग तैयार कराया गया था। वायुमंडल को शुद्द करने के लिए इन औषधियों से तैयार हवन सामग्री से किया गया धूपन योग कर्म कोरोना संक्रमण से राहत दिलाएगा। उन्होंने बताया कि धूपन कर्म के बारे में 13 मई को राष्ट्रीय स्तर पर एक वेबीनार आयोजित किया जाएगा। जिसमें आयुर्वेद चिकित्सक शामिल होंगे।
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