मीरगंज। शौचालय निर्माण के लिए सैंजना ग्राम पंचायत में आई धनराशि में प्रधान और सचिव ने मिलकर गोलमाल कर डाला। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने डीपीआरओ से जांच कराई तो प्रधान 35 लाख रुपये की धनराशि का हिसाब नहीं दे सके। डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीएम ने ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के आदेश एसडीएम मीरगंज को निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत सैंजना के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत जनवरी में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से की थी। डीएम ने डीपीआरओ अशोक कुमार दीक्षित से मामले की जांच कराई थी। जांच में आरोप पुष्ट होने पर डीपीआरओ ने प्रधान मोहम्मद यूसुफ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। काफी समय बाद पिछले माह प्रधान ने जवाब दिया, लेकिन वह अपने बचाव में कोई सबूत पेश नहीं कर सके। साथ ही ग्राम पंचायत निधि से खर्च किए गए 35 लाख रुपये का हिसाब भी नहीं दे सके। जांच में सामने आया था कि प्रधान ने ग्राम पंचायत सदस्यों की खुली बैठक कराने के बजाय अपने घर में औपचारिकताएं पूरी कर डालीं थी। डीएम ने विकास कार्यों की धनराशि का गबन करने के आरोप में प्रधान मोहम्मद यूसुफ के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। साथ ही ग्राम पंचायत की तीन सदस्यीय संचालन समिति गठन के आदेश एसडीएम मीरगंज को दिए हैं।