चाैकीदार से भर्ती हुए अब प्रधान सहायक बन गए
2005 में आईटीआई मथुरा में चाैकीदार के पद पर वीरेंद्र सोनकर भर्ती हुए। अफसरों की इन पर ऐसी मेहरबानी की 2011 में उन्हें प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय लखनऊ में स्थानांतरित किया और प्रधान सहायक बना दिया। ऐसे ही 2005 में ही चाैकीदार पद पर कानपुर में सुरेश कुमार सिंह, बरेली में अमित यादव, लखीमपुर खीरी में ब्रजेश कुमार चाैधरी, मथुरा में इमरान अहमद, सत्येंद्र कुमार की नियुक्ति हुई।
कुछ वर्षों बाद उन्हें प्रधाक सहायक बनाकर निदेशालय में तैनात कर दिया गया। इसके अलावा उसी दाैरान कनिष्ठ सहायक पद पर फतेहगढ़ प्रदीप कुमार सिंह, कानपुर में मृत्युंजय कुमार त्रिपाठी, कुमुद लता सिंह, नीना सिंह, मथुरा में सलिल दीक्षित, मेरठ संदीप बाजपेई, मनीष चंद्र, आगरा में आदित्य शेखर अवस्थी आदि की नियुक्ति हुई और उनको प्रधान सहायक बनाकर निदेशालय में तैनात कर दिया गया है।
इनकी नियुक्ति और पदोन्नति के खिलाफ भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि फर्जी भर्ती के आरोपित अधिकारी कर्मचारी निदेशालय में तैनात है, इसलिए किसी पर कार्यवाही नहीं हो रही है।