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Fraud Case : यूपी समेत कई राज्यों के विश्वविद्यालयों के नाम से देते थे फर्जी डिग्री, कई शहरों में फैला था जाल

Thu, 02 Apr 2026 03:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट तैयार कर मार्कशीट और डिग्री बेचने के मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में पता चला कि शातिर प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, लखनऊ, अलीगढ़, शिमला समेत अन्य शहरों वह राज्यों के 15 से ज्यादा विश्वविद्यालयों की डिग्रियों का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।
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Cyber Fraud - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट तैयार कर मार्कशीट और डिग्री बेचने के मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में पता चला कि शातिर प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, लखनऊ, अलीगढ़, शिमला समेत अन्य शहरों वह राज्यों के 15 से ज्यादा विश्वविद्यालयों की डिग्रियों का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।

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आजमगढ़ के एक बीफार्मा कॉलेज के संचालक शशि प्रकाश राय समेत पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से यूपी के विभिन्न शहरों के अलावा पश्चिम बंगाल व हिमाचल प्रदेश तक अपना नेटवर्क फैला लिया था। आरोपी घर बैठे बीफार्मा, डीफार्मा आदि की डिग्रियां देने का लालच देकर छात्रों और अभिभावकों को अपना शिकार बनाते थे।

गिरफ्तार आरोपी शशि के पास से पुलिस ने फर्जी मार्कशीट के एक दर्जन लिफाफे कब्जे में लिए हैं। इन लिफाफों को अलग-अलग जनपदों में भेजा जाना था और इनमें से एक पर पश्चिम बंगाल का पता भी लिखा था। पुलिस अफसरों ने आशंका जताई है कि शातिरों ने सैकड़ों छात्रों और अभिभावकों को अपने जाल में फंसाया है।
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गिरोह में कई लोगों के शामिल होने की आशंका

पुलिस अफसरों ने बताया कि आरोपियों का गिरोह यूपी के शहरों के अलावा कई राज्यों में फैला है। ये लोग फेसबुक, व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विज्ञापन डालकर डिग्री देने का लालच देते थे। इस गिरोह में और भी कई शातिरों के शामिल होने की आशंका है।

कॉलेजों से भी साधा गया संपर्क

कई विश्वविद्यालय और कॉलेज के नाम सामने आने पर पुलिस की एक टीम सभी से संपर्क साध रही है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं शातिरों ने किसी के साथ मिलकर खेल तो नहीं किया। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों से उनके नाम उगलवा रही है, जिन्हें उन्होंने डिग्रियां बांटी हैं।

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