फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fraud Case : टोल प्रोजेक्ट में पैसा लगाकर डेढ़ गुना लौटाने के नाम पर 56 लाख की धोखाधड़ी

Mon, 23 Feb 2026 05:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सिविल लाइंस पुलिस ने ठेकेदार बृजेश पांडेय व उसके भाई लेश पांडेय समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि उक्त लोगों ने उमापुर, मुंगारी व हरी पर टोल प्रोजेक्ट में पैसा लगवाकर डेढ़ गुना लौटाने का झांसा देकर 56 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
विज्ञापन
फ्रॉड। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिविल लाइंस पुलिस ने ठेकेदार बृजेश पांडेय व उसके भाई लेश पांडेय समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि उक्त लोगों ने उमापुर, मुंगारी व हरी पर टोल प्रोजेक्ट में पैसा लगवाकर डेढ़ गुना लौटाने का झांसा देकर 56 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। सिविल लाइंस पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

विज्ञापन


सिविल लाइंस पीडी टंडन रोड निवासी अनुराग कुमार ने पुलिस को बताया कि वह मेसर्स अनुराग एसोसिएट्स के प्रोपराइटर हैं। आरोप है कि नागपुर की हुडकेश्वर रोड सरस्वती नगर निवासी एसबी मल्टीसर्विसेज के प्रोपराइटर बृजेश पांडेय ने विश्वास दिलाया गया कि वह टोल शुल्क संग्रह के ठेकेदार हैं। नैनी ब्रिज सेक्शन पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से 1.6 किलोमीटर के नए एनएच 30 (उमापुर, मुंगारी, हरी) पर टोल शुल्क संग्रह के लिए टेंडर निकाला गया था।

यह टेंडर राजस्थान उदयपुर के कोरल एसोसिएट के प्रोपराइटर सौरभ टाक के पक्ष में निष्पादित हुआ है। आरोप है कि बृजेश पांडेय व प्रतापगढ़ के पट्टी निवासी उसके भाई शैलेश पांडेय ने दुर्गेश टाक व श्रेयांश टाक से मुलाकात कराकर कहा कि यह दोनों कोरल एसोसिएट के अधिकृत पदाधिकारी हैं। आरोप है कि उक्त लोगों ने झांसा दिया कि प्रोजेक्ट में एसबी मल्टी सर्विसेज की 50 फीसदी साझेदारी है और फर्म के माध्यम से प्रोजेक्ट में पैसा लगाने पर छह माह में डेढ़ गुना हो जाएगा।
विज्ञापन


झांसे में आकर पीड़ित ने पहले 18 और फिर 38 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि बृजेश व शैलेश से सिविल लाइंस में मुलाकात कर अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने देने से इन्कार कर दिया। जब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रोजेक्ट की जानकारी निकाली गई तो सात जनवरी 2026 को पता चला कि कोरल एसोसिएट की ओर से टोल प्लाजा संग्रह के लिए भी संविदा करार या भागीदारी नहीं की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें