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Guava Mahotsav : महाकुंभ की फिजा में बिखरी एप्पल गुवावा की खुशबू, अमरूद महोत्सव में दिखीं दुर्लभ प्रजातियां

Mon, 17 Feb 2025 05:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गुवावा फेस्टिवल में अमरूद की दर्जन भर प्रजातियां शामिल हुईं। एप्पल गुवावा इसमें आकर्षण का केंद्र बना रहा। विश्व प्रसिद्ध इलाहाबादी अमरूद के रूप में पहचान बनाने वाले एप्पल गुवावा और इलाहाबाद सुरखा की काफी मांग रही।
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एप्पल गुवावा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रयागराज महाकुंभ में प्रयागराज के विश्व विख्यात एप्पल गुवावा की चर्चा के बगैर अधूरा है। प्रयागराज में अमरूद महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रयागराज रेलवे स्टेशन के समीप स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में  रविवार 16 फरवरी को अमरूद महोत्सव मनाया गया।

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एप्पल गुवावा के साथ अमरूद की ग्यारह प्रजातियां हुईं शामिल

संगम के अलावा प्रयागराज की एक और पहचान है यहां का एप्पल गुवावा। अपनी खास मिठास और खास कलर के लिए फलों के बीच अलग पहचान रखने वाले प्रयागराज के एप्पल गुवावा सहित 11 प्रजातियों ने अमरूद महोत्सव में अपना जलवा बिखेरा। उद्यान उप निदेशक डॉ. कृष्ण मोहन चौधरी बताते हैं कि अमरूद महोत्सव में 11 प्रकार के अमरूद की प्रदर्शनी की गई। एप्पल कलर, ललित, सरदार, धवल, चित्तीदार, इलाहाबादी सुरखा इत्यादि फसलों के अमरूद की प्रतियोगिता की गई जिसके मूल्यांकन के लिए कृषि विश्वविद्यालय से कृषि वैज्ञानिकों ने अपने अनुभव से प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिया। कार्यक्रम में उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किया।

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अमरूद महोत्सव में शामिल प्रतिभागी। - फोटो : अमर उजाला।

योगी सरकार के प्रयासों से एप्पल गुवावा को मिला पुनर्जीवन

कुंभ नगरी प्रयागराज की अगर धार्मिक पहचान यहां तीन पावन नदियों का मिलन स्थल संगम है तो इसकी दूसरी पहचान यहां का सुर्खा अमरूद जिसने अपने ख़ास स्वाद और रंग की वजह से देश भर में फलों के बीच अपनी पहचान कायम रखी है। विल्ट डिजीज, फ्रूट फ्लाई और रेड नॉट नेमेटोड की चपेट में चल रही प्रयागराज और कौशांबी की अमरूद फल पट्टी में मौसम की मार ने जमकर नुकसान पहुंचाया है।

योगी सरकार किसानों के साथ आई जिसके बाद इसे पुनर्जीवन मिला है। उद्यान विभाग के उप निदेशक कृष्ण मोहन चौधरी बताते हैं कि अमरूद में फ्रूट फ्लाई से बचाव के लिए फेरोमेन ट्रैप पेड़ों में बांधे गए जिससे फ्रूट फ्लाई का संकट लगभग समाप्त हो गया। अमरूद के उत्पादन पर ताइवान के अमरूद के जरिए रुट नॉट निमेटिड का भी हमला हुआ। बाहर से आने वाले अमरूद पर रोक लगाकर प्रशासन ने इसे रोक लिया। इसके अलावा पहली बार अमरूद के फलों में बैगिंग की गई जिससे अमरूद की  विदेशों में मांग बढ़ी। अमरूद का निर्यात बढ़ा।

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