महाकुंभ में चार विश्व रिकॉर्ड के माध्यम से पूरे विश्व को पर्यावरण सरंक्षण एवं स्वच्छता का संदेश देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विश्व रिकॉर्ड बनाने का क्रम माघी पूर्णिमा स्नान के बाद 14 फरवरी से शुरू होगा।
महाकुंभ में चार विश्व रिकॉर्ड के माध्यम से पूरे विश्व को पर्यावरण सरंक्षण एवं स्वच्छता का संदेश देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विश्व रिकॉर्ड बनाने का क्रम माघी पूर्णिमा स्नान के बाद 14 फरवरी से शुरू होगा।
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कुंभ- 2019 में तीन विश्व रिकॉर्ड बनाए गए थे। वहीं, महाकुंभ-2025 में चार विश्व रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। चूंकि, माघी पूर्णिमा स्नान पर्व 12 फरवरी तक स्नानार्थियों की भीड़ रहने की उम्मीद है। इसके अलावा 10 फरवरी तक वीआईपी मूवमेंट रहेगा। इस दौरान राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत कई अन्य प्रमुख लोग आएंगे। इसलिए माघी पूर्णिमा के बाद विश्व रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी करने की योजना बनाई गई है। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि 14 फरवरी से रिकॉर्ड बनाने की योजना है। जल्द ही रिकॉर्ड दर्ज कराने की तारीखें तय कर ली जाएंगी। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में आवेदन करने समेत अन्य प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ये बनेंगे विश्व रिकॉर्ड
1- 15 हजार कर्मचारी एक साथ गंगा के किनारे 10 किमी तक चलाएंगे सफाई अभियान
2- 1000 ई-रिक्शों का एक साथ किया जाएगा संचालन
3- आठ घंटे के भीतर 10 हजार लोगों के हाथों के लिए जाएंगे छाप
4- 300 कर्मचारी एक साथ अलग-अलग स्थानों पर उतरकर नदी की करेंगे सफाई