बरेली के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से हुई लूट उनके करीबियों ने ही कराई थी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की खुलासा किया। चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के साथ हुई लूट का एसपी उत्तरी ने खुलासा कर दिया। शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि कर्मियों के करीबियों ने ही लूट कराई थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से 80 हजार नकदी समेत काफी सामान बरामद किया है।
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एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बताया कि आठ दिसंबर की शाम भोजीपुरा क्षेत्र में दफ्तर संचालित करने वाली भारत फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी जिला रामपुर कोतवाली के गांव हरदुआ निवासी लालाराम व उनके साथी सुनील से लूट कर ली गई थी। गांव मीरापुर से समूह की किस्तों की वसूली करके ये लोग बाइक से लौट रहे थे। हाईवे के रहपुरा अंडरपास से पहले बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर बैग छीन लिया और इसमें रखा माल लूट ले गए। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस व एसओजी टीम खुलासे में जुटी थी।
झाड़ियों में छिपे थे आरोपी
एसपी ने बताया कि बृहस्पतिवार आधी रात के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रबर फैक्टरी मैदान में मौजूद झाड़ियों में छिपे चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम पड़ोसी गांव रफियाबाद निवासी अंकित और गांव रहपुरा निवासी रन सिंह, गोविंद उर्फ जहरीला व मोनू उर्फ मोरपाल बताया। लूट का खुलासा करते हुए पुलिस को बताया उन्होंने गांव भोलापुर निवासी अजय गंगवार, रफियाबाद निवासी भूपेंद्र गुर्जर, गांव रहपुरा निवासी सुमित और उबैश के साथ मिलकर लूट की थी।
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एसपी ने बताया गोविंद इस फाइनेंस कंपनी के पास ही कम्युनिटी सेंटर चलाता है। वह और उसका साथी उबैश इन कर्मचारियों के पास रकम होने की बात जानते थे और उनकी रेकी कर रहे थे। पुलिस को आरोपियों से 80 हजार रुपये, तमंचा, दो कारतूस मिले। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, यहां से उनको जेल भेज दिया। गिरफ्तार अंकित के खिलाफ पहले से ही स्थानीय थाने में दो मुकदमे लिखे हैं। रन सिंह, गोविंद व मोनू पहली बार जेल गए है।