संगम नगरी में चार नए स्टेडियम बनाए जाने के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। ये स्टेडियम ब्लॉक स्तर पर बनाए जाएंगे और हर एक के निर्माण पर तकरीबन पौने दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण केंद्र सरकार की एजेंसी कराएगी और पांच साल तक मेंटेनेंस का जिम्मा भी उसी का होगा। स्टेडियम में खेल की पांच स्पर्धाएं अनिवार्य होंगी, जबकि अन्य 20 स्पर्धाओं को विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकेगा। स्टेडियम के निर्माण से ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिल सकेगा।
स्टेडियम के निर्माण को राजीव गांधी खेल अभियान योजना के तहत मंजूरी दी गई है। पहले चरण में मेजा के मेजा खास, कोरांव तहसील परिसर, होलागढ़ की सांघीपुर ग्राम पंचायत और मऊआइमा के बसदइया गांव में स्टेडियम बनेगा। केंद्र सरकार से चयनित एजेंसी इन स्टेडियमों में इंडोर गेम के लिए तकरीबन 80 लाख रुपये की लागत से फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर तैयार करेगी, जबकि आउटडोर गेम के लिए मैदान आदि तैयार करने पर मनरेगा फंड से 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा तकरीबन 15 लाख रुपये की लागत से ऑपरेटस खरीदे जाएंगे, जिसकी सप्लाई सीधे केंद्र सरकार से होगी। केंद्र से चयनित एजेंसी को सात-सात एकड़ के क्षेत्र में तीन से चार माह के भीतर स्टेडियम बनाकर तैयार करना होगा।
प्रत्येक स्टेडियम में तीन-तीन प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से एक प्रशिक्षक को प्रतिमाह साढ़े तीन हजार एवं दो प्रशिक्षकों को ढाई-ढाई हजार रुपये मानदेय के रूप में दिए जाएंगे और प्रदेश सरकार भी अलग से इन प्रशिक्षकों को मानदेय देगी। स्टेडियम में खेल स्पर्धाओं में एथलेटिक्स, वॉलीबाल, फुटबाल, कबड्डी एवं खो-खो को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, जबकि विकल्प के तौर पर 20 अन्य स्पर्धाएं भी शामिल की जा सकेंगी। इसमें हॉकी सहित तमाम स्पर्धाएं हैं। हालांकि, इनमें क्रिकेट को शामिल नहीं किया गया है। जिला युवा कल्याण अधिकारी संदीप सचान ने बताया कि स्टेडियम के निर्माण को मंजूरी मिल गई है और जल्द ही निर्माण शुरू होने जा रहा है।