ऑनलाइन टिकट बुकिंग के जरिए लाखों कमाने वाले दलालों की नकेल रेलवे ने कसी है। दलाल पहले से ही तैयारी कर ऐन मौके पर कई टिकट हासिल न कर लें, इसके लिए रेलवे ने सुबह आठ से दोपहर 12 बजे के बीच तक क्विक बुक के विकल्प को ही बंद रखने का फैसला किया है। साथ ही व्यक्तिगत आईडी के जरिए भी लोग प्रतिदिन एक से दो टिकट नहीं खरीद सकेंगे। महीने में अधिकतम 10 टिकट ही बुक करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही ई-वॉलेट के जरिए चार घंटे तक टिकटों की बुकिंग संभव नहीं होगी।
गर्मी में यात्रियों की भीड़ बढ़ते ही दलालों के गिरोह भी सक्रिय हो जाते हैं। रेलवे के तमाम जतन भी दलालों की कारगुजारियों पर रोक लगा पाने में अब तक नाकाफी साबित हो रहे हैं। फिरभी, रेलवे ने आईटी के जरिए दलाली करने वालों पर अंकुश लगाने के उपाय किए हैं। इसमें व्यक्तिगत यूजर आईडी पर दिनभर में सामान्य या तत्काल के सिर्फ दो टिकटों की बुकिंग ही संभव है। साथ ही महीने में केवल 10 टिकट बुक कराए जा सकते हैं। सुबह आठ से 12 बजे के बीच ई-बुकिंग प्रणाली से क्विक बुक ऑप्शन गायब रहेगा। इससे टिकटों की बुकिंग संभव नहीं होगी। रेल ट्रेवलर्स सर्विस एजेंट्स को छोड़कर अन्य एजेंट्स के लिए भी सुबह आठ से 12 बजे के बीच ई-टिकट बंद रहेगा। एजेंट इस अवधि में बुकिंग नहीं करा सकेंगे। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से इलेक्ट्रानिक रिजर्वेशन स्लिप (ईआरएस) के कंटेंट में भी लगातार बदलाव होता रहेगा।
आईआरसीटीसी के पीआरओ संदीप दत्ता के मुताबिक एजेंट्स की मनमानी पर रोक लगाने के लिए यह बदलाव लागू किए गए हैं। इनके सकारात्मक असर जल्द सामने आएंगे। उम्मीद है कि रेलवे की इन बंदिशों से ज्यादा यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सकेगा।