बीमा की रकम हड़पने के लालच में पत्नी ने पति की मौत के बाद उसका बीमा कराया और कुछ समय बाद क्लेम फाइल कर दिया। कंपनी की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आ गया। कंपनी ने सिविल लाइंस थाने में दो के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सिविल लाइंस स्थित एक निजी बीमा कंपनी के अधिकारी देवी प्रसाद केसरवानी ने पुलिस को बताया कि हण्डिया निवासी निर्जला यादव ने बीमा एजेंट कुलदीप मिश्र निवासी धमहा के जरिए 26 अगस्त 2013 को अपने पति राजनारायण को जिंदा बताते हुए उनका 4.20 लाख का बीमा कराया। निर्जला ने 6545 रुपये का वार्षिक प्रीमियम भी जमा करा दिया। इसके बाद 21 सितंबर 2013 को बिजली का करेंट लग जाने से राजनारायण की मृत्यु हो जाने की बात कहते हुए निर्जला ने क्लेम फाइल कर दिया। मौत की पुष्टि के लिए गांव के ही एक अस्पताल से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर भी दिया गया लेकिन जब कंपनी ने जांच कराई तब दोनों का फर्जीवाड़ा सामने आ गया। कंपनी को मालूम चलाकि राजनारायण की मौत 21 अगस्त 2013 को ही हो चुकी थी। उसकी मृत्यु का सर्टिफिकेट भी बनवाया गया लेकिन बीमा की रकम हड़पने के लालच में उसे छिपाकर दुबारा फर्जी सार्टिफिकेट बनवाया गया।
इसी फर्जी सार्टिफिकेट के जरिए राजनारायण की मौत के चार दिन बाद निर्जला ने बीमा एजेंट कुलदीप से सांठगांठ करके उसका फर्जी बीमा करा दिया। बीमा के कागजों पर राजनारायण के फर्जी हस्ताक्षर एजेंट कुलदीप ने बनाए। जांच के बाद फर्जीवाड़ा खुलने पर कंपनी ने दोनों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस का कहना है कुलदीप ने बीमा कंपनी में अपनी पहुंचकर का हवाला देते हुए निर्जला को फर्जीवाड़े के लिए तैयार किया। इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह के मुताबिक मामले की पड़ताल की जा रही है।