खनन विभाग को फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी रायल्टी पेपर जारी करने वाले चार और लोगों को साइबर क्राइम लखनऊ की टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार होने वालों में मुकेश कुमार केसरी, मनोज कुमार केसरी, अंकित कुमार केसरी और विशाल कुमार केसरी शामिल है। सभी आरोप मेजा के बताए जा रहे हैं। इसमें अंकित और विशाल मुकेश के बेटे हैं। इन सभी को लखनऊ से गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से पांच मोबाइल, तीन लैपटाप और दो डेस्कटॉप बरामद किए गए हैं।
साइबर क्राइम के एडीजी राम कुमार ने बताया कि खनन विभाग में फर्जी ई रवन्ना यानी रायल्टी पेपर बनाकर हजारों ट्रकों से अवैध तरीके से बालू, मोरंग, गिट्टी की निकासी की जा रही थी जिससे सरकार को लगभग 200 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इस मामले में साल के शुरुआत में खनन विभाग के खनन अधिकारी सुभाष रंजन ने लखनऊ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में सचिन सिंह, अखिलेश प्रताप सिंह, जीवनलाल सिंह और शिवांगी रस्तोगी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इस तरह लगाते थे चूना
राम कुमार ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे खनन विभाग की आफिशियल वेबसाइट के डोमेन से मिलता जुलता डोमेन आनलाइन खरीद कर होस्ट कराया जाता था और फिर खनन विभाग की वेबसाइट का सोर्स कॉपी कर अपनी वेबसाइट में पेस्ट कर पूरा सेटअप अपने हिसाब से तैयार कर लिया जाता था। और फर्जी रायल्टी पेपर तैयार कर उसपर फर्जी बार कोड लगाकर कम दामों में गाडिय़ों और ड्राइवरों की डिटेल भरकर दे दी जाती थी।