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बोरे में मिली लापता दीपक की लाश

Sun, 14 Jun 2015 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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घूरपुर (इलाहाबाद)। घूरपुर के मोहद्दीपुर गांव में शुक्रवार को दो नहीं तीन कत्ल हुए थे। दो दलित लड़कों की गोली मारकर हत्या से बौखलाए लोगों ने आरोपी परिवार के 16 वर्षीय इंटर के छात्र दीपक द्विवेदी को बेहद बेरहमी से मार डाला था। शुक्रवार सुबह दोहरे कत्ल के बाद से लापता दीपक की लाश शनिवार शाम घर से कुछ दूर खेत के बीच झाड़ी में मिली। उसे मौत के घाट उतारने के बाद रात में शव को बोरी में भरकर फेंका गया था। लाश मिलने के बाद दलित बस्ती के लगभग सभी परिवार के लोग घरों में ताला लगाकर भाग गए। कुछ महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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मोहददीपुर में शुक्रवार सुबह आटा पिसाई के चार रुपये के चक्कर में भारी बवाल हो गया था। चक्की मालिक राकेश द्विवेदी ने झगड़े के दौरान रजत भारतीय (16) के सिर पर हंसिया से वार किया तो उसके चीखने पर कई लोगों ने चक्की पर हमला कर दिया। राकेश के भाई राजेश ने दुनाली बंदूक से दो फायर किए जिसकी चपेट में आकर रजत का चचेरा भाई राहुल भारतीय (20) और फुफेरे भाई आशु उर्फ शुभम (18) की मौत हो गई थी। इसके बाद घर में घुसे राकेश और उसके भाइयों को मार डालने पर आमादा भीड़ ने घर पर हमला बोल दिया था। आगजनी भी की थी। बमुश्किल पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर घर में मौजूद लोगों को निकाल थाने पहुंचाया था। तभी से चक्की मालिक राकेश द्विवेदी के बड़े भाई वशिष्ठ द्विवेदी का इकलौता पुत्र दीपक (16) लापता था। शाम को पुलिस भी उसकी खोज में जुटी लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।

उसके मोबाइल फोन की घंटी बज रही थी। रात में उसकी लाश बोरे में मिलने की अफवाह उड़ने लगी तो एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र ने दो सीओ और कई थानेदारों के साथ जाकर खोजबीन की। दलित बस्ती में घरों की तलाशी ली पर कुछ पता नहीं चल सका। मगर दीपक के कत्ल की आशंका आखिर सही साबित हुई।
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शनिवार को भी पुलिस फील्ड यूनिट और खोजी कुत्ते के साथ दीपक की तलाश में जुटी थी तभी उसके घर से करीब दो सौ मीटर दूर मुर्गी पालन केंद्र के पीछे खेत में झाड़ी के बीच एक महिला ने बोरी देखी जिसमें कुछ भरा था और बदबू आ रही थी। वह चीखते हुए भागी और मुर्गी पालन केंद्र के मालिक गुलाबचंद्र को बताया। उन्होंने पुलिस को खबर दी तो एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र फील्ड यूनिट के साथ वहां पहुंच गए। प्लास्टिक की सफेद बोरी को खोलने पर दीपक की लाश दरी में लिपटी मिली। उसके गले में पेटीकोट का नारा लिपटा था। उसी से गला कसा गया था। फील्ड यूनिट प्रभारी प्रेम नारायण भारतीय ने लाश का निरीक्षण किया तो पूरे शरीर पर जख्म मिले।

 किसी औजार से दीपक के शरीर पर दर्जनों वार किए गए थे। अनुमान है कि उसका मुंह भी दुपट्टे से बांधा गया था। वहीं दुपट्टा भी मिला है। दीपक की लाश मिलने की खबर फैलते ही गांव की दलित बस्ती के सभी घरों में ताला लगाकर लोग फरार हो गए। महिला पुलिस ने कुछ औरतों को पकड़ लिया। पुलिस को आशंका है कि दीपक को उसी घर के भीतर खींचकर मारा गया था जिस परिवार के दो लड़कों का कत्ल हुआ। वह परिवार भी फरार हो गया। रात में एसएसपी बीपी श्रीवास्तव भी मोहद्दीपुर गांव पहुंच गए। उन्होंने पुलिस फोर्स को चौकस रहने के साथ ही दीपक के कत्ल में शामिल लोगों की गिरफ्तारी का आदेश दिया।
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