जिन कंपनियों ने अपना और कर्मचारियों का हिस्सा भविष्य निधि खाता में जमा कर दिया है, वह उन्हें वापस मिल जाएगा। ईपीएफओ की ओर से इसके लिए आवेदन मांगा गया है। सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव भी कर दिए गए हैं।
लाकडाउन में सभी काम ठप हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने आर्थिक संकट से जूझ रहे ईपीएफओ खाताधारकों को राहत देने की घोषणा की है। इसके तहत सरकार ने तीन महीने मार्च, अप्रैल और मई का ईपीएफ का पैसा जमा करने की घोषणा की है। सरकार नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का हिस्सा जमा करेगी। हालांकि, इस योजना का लाभ उन्हें ही मिलेगा, जहां कर्मचारियों की संख्या 100 से कम है। अब जिन कंपनियों ने सरकार की इस घोषणा से पहले ही ईपीएफ खाता में राशि भेज दी है, उन्हें उनकी राशि वापस की जाएगी। सहायक आयुक्त अकिल अहमद सिद्दीकी ने बताया कि गलत इंट्री में सुधार का अवसर दिया गया है। इसके लिए साफटवेयर में जरूरी संशोधन किए गए हैं।