कानून के उल्लंघन के मुकदमे में पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने बुधवार को एमपीएमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उन्होंने जमानत अर्जी पेश की, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। जमानतें दाखिल करने पर कलराज को रिहा कर दिया गया।
जमानत अर्जी पर स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई की। एडीजीसी राजेश गुप्ता, विशेष अधिवक्ता गोपाल सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता उमाशंकर तिवारी और अमित तिवारी ने पक्ष रखे।
घटना 28 मार्च 2009 की पीलीभीत के कोतवाली थाने की है। एसआई वीरेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वरुण गांधी अपने खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में सरेंडर करने आने वाले थे।
लोकसभा चुनाव के कारण परिसर में निषेधाज्ञा लागू थी। आरोप है कि भाजपा नेता कलराज मिश्र और बीके गुप्ता अपने समर्थकों के साथ अदालत परिसर में पहुंच कर हंगामा करने लगे, जिससे शांति व्यवस्था भंग हो गई। पुलिस ने कानून का उल्लंघन करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।