कातिल तक ऐसे पहुंची पुलिस
इस खुलासे में सबसे अहम भूमिका एसीपी पुष्कर वर्मा की रही। दरअसल जैसे ही मृतक के खाते से पैसे निकाले जाने की जानकारी मिली, उन्होंने इस प्रकरण को अपने हाथों में ले लिया। इसके बाद अकाउंट डिटेल निकलवाई गई तो पता चला कि खाते से 5.5 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की गई है। इसका विवरण निकालने पर पता चला कि डेबिट कार्ड से आईफोन, ईयरपॉड, फोन कवर, महंगी एसेसरीज खरीदी गईं। जांच के क्रम में ई-कॉमर्स वेबसाइट से कस्टमर का रिकॉर्ड निकलवाया गया तो आदित्य का नाम सामने आया। इसके बाद एसीपी ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो परत दर परत मामले का खुलासा हो गया।
दूसरे दिन जाकर किया था कत्ल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पड़ोस में रहने के नाते मृतक उसे अक्सर घरेलू छोटे-मोटे कामों के लिए घर बुलाते थे। एक दिन बातों बातों में ही उन्होंने बताया कि उनके खाते में 20 लाख रुपये हैं। यह सुनकर उसके मन में लालच आ गया। 21 अगस्त को घर जाकर उसने उनका डेबिट कार्ड चुरा लिया। हालांकि, भागते वक्त आनंदप्रकाश की नींद खुल गई और उन्होंने उसे पकड़ लिया। इस पर उसने उन्हें धक्का दे दिया और दरवाजे से टकराने के कारण वह बेहोश हो गए। इसके बाद वह भाग निकला। अगले दिन दोपहर तक कोई शोरगुल न होने पर वह फिर उनके घर पहुंचा और पहले उन्हें करंट लगा दिया। इसके बाद गद्दे में आग लगाकर भाग निकला।
मोबाइल से निकाल लिया था सिम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डेबिट कार्ड से शॉपिंग के लिए मृतक के सिम का इस्तेमाल कर रहा था। दरअसल, चोरी करने के बाद उसने मोबाइल फेंक दिया लेकिन सिम अपने पास रख लिया। ऐसे में डेबिट कार्ड से शॉपिंग करने पर उसे ओटीपी पता चल जाता था और वह आसानी से शॉपिंग कर लेता था।