इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मछलीशहर से बसपा के पूर्व सांसद उमाकांत यादव को शाहगंज थाने में दर्ज 1995 के जीआरपी सिपाही हत्याकांड मामले में सशर्त जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति संतोष राय की खंडपीठ ने दिया।
उमाकांत यादव पर शाहगंज थाने में जीआरपी सिपाही हत्या मामले में हत्या, जानलेवा हमला, आगजनी और तोड़फोड़ समेत कई गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज है। इसमें अन्य सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई है। वह सात साल से जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दाखिल कर उन्होंने जमानत की गुहार लगाई।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि यादव की उम्र 72 वर्ष है। उनके खिलाफ दर्ज 34 मामलों में से 25 में वह बरी हो चुके हैं। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 70 साल से अधिक उम्र के कैदी जो सात साल जेल में बिता चुके हैं उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। साथ ही कहा कि अपीलों की अधिकता के कारण जल्द सुनवाई की संभावना नहीं है। कोर्ट ने अपील लंबित रहने के दौरान सशर्त जमानत मंजूर कर दी। साथ ही निर्देश दिया है कि उमाकांत यादव हर दूसरे महीने के पहले हफ्ते में थाने में हाजिरी देंगे।