इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ललितपुर साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामले में बिना नोटिस जारी किए याची की गिरफ्तारी को गलत ठहराया। वहीं, पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता को 20 हजार रुपये बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा, न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ ने पुष्पेंद्र उर्फ कल्लू राजा व एक अन्य की याचिका पर दिया।
याचियों पर साइबर क्राइम थाने में एक माई 2025 को आईटी एक्ट, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात व अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। याची ने दर्ज मुकदमे को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि बिना नोटिस जारी किए याची को गिरफ्तार करना अवैध है। अपर शासकीय अधिवक्ता ने भी इस पर सहमति जताई और माना कि गिरफ्तारी कानून अमान्य थी।
कोर्ट ने एजीए को अगली तारीख दो सितंबर को पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।