प्रयागराज। हत्या की नीयत से घर में घुस कर डकैती और आगजनी करने के मामले में पूर्व विधायक विजमा यादव सहित दस लोगों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने आरोप तय कर दिए हैं। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र, एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
घटना 29 जून 2005 की झूंसी थाने के छतनाग की है। वादिनी शशी देवी ने कोर्ट में विजमा यादव सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी दी थी। कोर्ट ने वादिनी की अर्जी को परिवाद के रूप में दर्ज किया था। कोर्ट ने पूर्व विधायक विजमा यादव, मूलचन्द यादव,राजू पुत्र तुलसीराम, अशोक निषाद, लोहा सिंह, अमर सिंह, ज्ञान चन्द, लाल चन्द्र, जबर सिंह और राजू पुत्र बनवारी और दरोगा पद्माकर राय को सुनवाई के लिए तलब किया था। जिसमें दरोगा पद्माकर राय की पत्रावली अलग कर दी गई है।
विजमा और अन्य अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्हाेंने शशी यादव के घर घुसकर वहां मौजूद लोगों को मारापीटा, हत्या का प्रयास किया तथा घर में लूटपाट की। जाते समय घर में आग लगा दी, जिससे घरेलू सामान, अनाज, टेंट हाऊस, और घर के सामने खड़ा टैक्टर जल कर नष्ट हो गया था। वादिनी को 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। विजमा इन आरोपों से उन्मोचित करने की अर्जी दी थी जिसे अदालत ने पिछली तारीख पर ही खारिज कर दिया था।
इन धाराओं में तय हुए आरोप
इन धाराओं में तय हुआ आरोप
आईपीसी की धारा अपराध सजा
395 डकैती आजीवन या दस साल
397 मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने
के साथ लूट या डकैती सात साल
436 आगजनी आजीवन या दस साल कारावास
323 मारपीट कर चोट पहुंचाना एक साल कारावास
504 गाली देकर अपमान जिससे लोक
शांति भंग हुई दो साल कारावास
506 जान से मारने की धमकी देना दो से सात साल तक कारावास
उक्त सभी धाराओं के साथ आईपीसी की धारा 109 और 149 लगाई गई हैै।