पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ के घर पुलिस ने रविवार को चौथी बार कुर्की की कार्रवाई की। 2003 में हुए नीटू सरदार हत्याकांड में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की। हालांकि पुलिस को कुछ घरेलू सामान ही मिल सका। कपड़ा व्यवसायी नीटू सरदार सिविल लाइंस में दुकान चलाते थे। 2003 में उनकी खुल्दाबाद के लूकरगंज ओवरब्रिज पर हत्या कर दी गई थी। शूटरों ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद व उनके भाई अशरफ को हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया गया था। यह मामला इन दिनों माननीयों पर दर्ज मुकदमों की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायालय में है। पिछले दिनों अशरफ की इस मामले में पेशी थी। उसके फरार होने की जानकारी के बाद पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने उसकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। इसी के बाद खुल्दाबाद पुलिस रविवार को कार्रवाई के लिए अशरफ के घर पहुंची। इस दौरान एहतियातन कई थानों की फोर्स बुला ली गई थी। इंस्पेक्टर रोशनलाल ने बताया कि घर पर नौकर व वकील मिले। हालांकि कुछ घरेलू सामान ही मिल सका।
इससे पहले तीन बार अशरफ के खिलाफ धूमनगंज पुलिस भी कुर्की की कार्रवाई कर चुकी है।उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित है। जिन मामलों में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई इनमें दो हत्या जबकि एक मामला हत्या के प्रयास का है। पहला मामला मरियाडीह में अल्कमा-सुरजीत हत्याकांड का है। दूसरा मामला झलवा में सूरजकली व उसके बेटे नानू उर्फ नरेंद्र पर जानलेवा हमले का है। तीसरा मामला किसान नेता जितेंद्र पटेल की राजरूपपुर में हत्या का है।