संगम तट पर लगने वाले विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ की गूंज मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस तक है। पोर्ट लुइस में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जगदीश ने पंच दशनाम जूना अखाड़े में संन्यास धारण करने का एलान किया है। महाकुंभ में मोहमाया का परित्याग कर वह अपनी पत्नी के साथ विरक्ति की गंगा में डुबकी लगाएंगे।
महाकुंभ से पहले भगवा चोले का गौरव सात समंदर पार बसने वाले दिग्गजों को भी प्रभावित कर रहा है। इस बार का महाकुंभ दिग्गजों के संन्यास ग्रहण करने का साक्षी बनेगा। जूना अखाड़े में दुनिया के कई देशों के सनातन प्रेमी संन्यास की दीक्षा लेंगे।
इसके लिए जूना अखाड़े के माईबाड़ा में तैयारियां शुरू हो गई हैं। पर्चियां कटवाई जा रही हैं। पंच गुरुओं के नाम तय किए जा रहे हैं। अखाड़े की धर्म-ध्वजा के नीचे पूर्व न्यायमूर्ति जगदीश को संन्यासी बनाने के लिए पांच संस्कार पूरे किए जाएंगे।
जूना अखाड़े की नेपाल की महामंडलेश्वर स्वामी हेमानंद गिरि ने बताया कि मॉरीशस सुप्रीम कोर्ट के जज जगदीश अपनी पत्नी के साथ संन्यास ग्रहण करेंगे। इसके लिए दीक्षा संस्कार की रस्म जनवरी में ही शुरू हो जाएगी।
बताया कि मॉरीशस सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज पिछले कई महीने से उनके सानिध्य में बैरागी जीवन जी रहे हैं। उनको महाकुंभ में मौनी अमावस्या के शाही स्नान पर्व पर अखाड़े की धर्म ध्वजा के नीचे दीक्षा दिलाई जाएगी। अखाड़े की परंपरा के अनुसार इस दौरान पांच गुरु मिलकर एक संन्यासी का दीक्षा संस्कार पूरा कराएंगे।
हंगरी की चिकित्सक ऐना भी बनेंगी संन्यासी
प्रयागराज। हंगरी की महिला चिकित्सक ऐना भी महाकुंभ में संन्यासी बनेंगी। इसके लिए ऐना ने जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर हेमानंद गिरि से संपर्क साधा है। वह मोहमाया से अलग जीवन जीने लगी हैं। ऐना संन्यासी बनकर हंगरी में सनातन संस्कृति का प्रचार करेंगी। ब्यूरो