पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रहे केसरीनाथ त्रिपाठी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। दारागंज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे नीरज त्रिपाठी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें गार्ड आफ आनर की सलामी दी गई।
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Prayagraj News : पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का अंतिम संस्कार दारागंज गंगा घाट पर किया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रहे केसरीनाथ त्रिपाठी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। दारागंज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे नीरज त्रिपाठी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इसके पहले सिविल लाइंस स्थित आवास से उनकी शव यात्रा निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। शहर के कई इलाकों से होते हुए शवयात्रा दारागंज घाट पर पहुंची। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
यहां विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहर दक्षिणी के कई बार विधायक और कई बार विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके केसरीनाथ त्रिपाठी की गिनती देश के जाने माने विद्वानों और संविधानविदों में होती थी। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहने के दौरान उनके पास मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और बिहार राज्यों का भी अतिरिक्त प्रभार रहा। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बतौर अधिवक्ता 50 वर्ष वकालत करने के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका था।
राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक सतीश महाना आदि ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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Prayagraj News : पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
रास्ते भर लगते रहे पंडित जी अमर रहे के नारे
पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का पार्थिव शरीर रविवार की शाम दारागंज घाट पर पंचतत्व में विलीन हो गया। हजारों समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की मौजूदगी में मुखाग्नि उनके पुत्र इलाहाबाद हाईकोर्ट के अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने दी। क्लाइव रोड स्थित आवास से शाम करीब 4.10 शवयात्रा निकली।
इस दौरान पंडित जी अमर रहे के नारे लगते रहे। दारागंज घाट पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। इससे पूर्व आवास पर सशस्त्र बलों द्वारा पूर्व राज्यपाल को सलामी दी गई। अंतिम यात्रा में उनकी दोनों बेटियां नमिता त्रिपाठी व निधि ओझा भी शामिल रहीं।
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Prayagraj News : पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के आवास पर जुटे भाजपा के नेतागण।
- फोटो : अमर उजाला।
छुटई की चाट मुरीद रहे पूर्व राज्यपाल
केशरी नाथ त्रिपाठी को प्रयागराज की चाट खासी पसंद थी। विधानसभा अध्यक्ष रहे हो या फिर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष। जब भी उन्हें मौका मिलता वह जानसेनगंज के पास छुटई की चाट खाने जरूर पहुंचते। उनकी बहु कविता ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में बताया था कि जब पूर्व राज्यपाल को कोरोना हुआ था, तब पीजीआई में भी भर्ती होने के बाद उन्होंने चाट खाने की इच्छा जताई। चिकित्सकों से पूछने के बाद उनके लिए बाद में घर में चाट बनाई गई।
उसे खाकर वह बेहद खुश हुए। उनके करीबी प्रवीण मालवीय उर्फ डिप्टी ने बताया कि पंडित जी को बैठकी बहुत पसंद रही। चाट खाने के वह काफी शौकीन थे। मूंग की दाल का सकौड़ा भी उन्हें पसंद था। कॉफी हाउस और लोकनाथ चौराहे पर उन्हें बैठना बेहद पसंद था, लेकिन कोरोना होने के बाद से उनकी बैठकें बंद हो गई थी। दूसरी आजादी के नीरज ने बताया कि उनकी पिछले दिनों जब उनकी पूर्व राज्यपाल से मुलाकात हुई तो उन्होंने चाट लाने की बात कही, लेकिन पंडित जी ने खराब स्वास्थ्य की वजह से मना कर दिया था।
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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राज्यपाल को श्रद्धांजलि दी।
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केशरीनाथ के साथ मैंने की 20 विदेश यात्रा : महाना
पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रयागराज पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि केशरीनाथ जी के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं हैं। इतना जरूर कहूंगा कि उन्होंने व्यक्तिगत हित से ऊपर संगठन का हित सोचा। जब मैं पहली बार 1991 में विधानसभा में पहुंचा तो उनका आशीर्वाद मिला। मैंने उनके साथ कुल 20 विदेश यात्राएं कीं। कुछ निजी यात्राओं में भी शामिल रहा।
मुझे आज भी याद है कि जब 1993 में विधानसभा चुनाव में हिंसा हुई और उनके सिर में चोट आई तो मैं ही उन्हें बचाकर बाहर लाया। मेरे विधानसभा अध्यक्ष बनने के पूर्व ही उन्होंने मुझे फोन पर बधाई दी। कहा कि आप को अध्यक्ष बनने का मौका मिले तो जरूर बनिएगा। क्योंकि इस कुर्सी पर बहुत कुछ अच्छा करने का अवसर मिलता है। मुझे इस बात का संतोष है कि मैं उनके बताए रास्ते पर चल रहा हूं। उनके जाने से भाजपा संगठन को बड़ी क्षति हुई है।
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पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित करते सीएम योगी।
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नंदी समेत कुल पांच लोगों ने की सीएम की अगुवाई
भाजपा के दिग्गज नेता केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन की खबर मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे प्रयागराज पहुंचे। यहां पुलिस लाइंस में उनके आगमन के पूर्व सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। हैलीपैड पर भी गिनती भर लोगों को जाने दिया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने उनकी अगुवाई की। उनके साथ महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी, अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला, भाजपा नेता विजय पुर्सवानी एवं सतुआ बाबा मौजूद रहे।
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Prayagraj News : पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ को श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
एयरपोर्ट पर डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से मिले भाजपाई
केशरी नाथ त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी लखनऊ से प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचे। यहां भाजपा के चुनिंदा नेताओं ने दोनों नेताओं की अगुवाई की। इस दौरान भाजपा एमएलसी सुरेंद्र चौधरी, पार्षद आशीष गुप्ता, सुबोध सिंह, विनय मिश्र सिंटू, मनोज कुशवाहा, अश्विनी पटेल, रवि केसरवानी आदि मौजूद रहे।
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Prayagraj News : पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
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प्रयागराज के हर घर से था केशरीनाथ का रिश्ता : केशव
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के साथ पहुंचे। उन्होंने पूर्व राज्यपाल को पुष्प चक्र चढ़ाने के बाद कहा कि देश एवं प्रदेश के मर्मज्ञ केशरीनाथ त्रिपाठी का निधन अपूर्णनीय क्षति है।
प्रयागराज के हर घर से उनका गहरा रिश्ता था। बिहार, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप उनका कार्यकाल स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। एक अधिवक्ता के रूप में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उनके योगदान का सदैव स्मरण किया जाएगा। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।
आधार शिला सम्मान समारोह का आयोजन नहीं कर सके केशरीनाथ
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी ने पश्चिमी बंगाल में राज्यपाल का कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रयागराज में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को सम्मानित करने की योजना बनाई थी। कोरोना से ठीक होने के बाद से ही केशरी नाथ इस आयोजन की तैयारी करवा रहे थे। उनकी तैयारी थी कि दिसंबर 22 में ही यह कार्यक्रम करवा लिया जाए। इसके लिए उन्होंने सौ से ज्यादा पुराने कार्यकर्ताओं की सूची भी बनाई।
साथ ही उनके शील्ड और प्रशस्ति पत्र भी तैयार करवाया। भाजपा नेता शिवेंद्र मिश्र बताते हैं कि जो कार्यकर्ता जिंदा नहीं है उनके स्थान पर उनकी पत्नी या परिवार के किसी अन्य सदस्य को उनका प्रशस्त्रि पत्र देने की तैयारी पंडित जी ने की। लेकिन पिछले माह दाहिने कंधे में फ्रैक्चर हो जाने एवं उसके बाद बीमार पड़ जाने की वजह से पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की उनकी ख्वाहिश अधूरी ही रह गई।
मोहित्समगंज में कटा था बचपन, सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे केशरीनाथ
केशरीनाथ का बचपन शहर दक्षिण विधानसभा के मोहित्समगंज में गुजरा। दस नवंबर 1934 को प्रयागराज में जन्मे केशरीनाथ अपने पिता की सात संतानों में सबसे छोटे थे। घर में इन्हें ‘भइया’ के नाम से संबोधित किया जाता था। उनके दादा मथुरा प्रसाद त्रिपाठी ग्राम पीड़ी तहसील सलेमपुर, जिला देवरिया के निवासी थे।
उनके दादा जब प्रयागराज आए तो उन्होंने यहां सुपरिटेंडेंट पुलिस को हिंदी, संस्कृत, उर्दू तथा फारसी सिखानी शुरू की। वर्ष 1876 में उच्च न्यायालय में कार्यरत हो गए। उन्होंने एक संस्कृत पाठशाला की भी स्थापना की, जो बहादुरगंज में अब भी चल रही है। केशरीनाथ के पिता हरिश्चन्द्र त्रिपाठी का भी सामाजिक कार्यों से लगाव था। उन्होंने सरयूपारीण स्कूल की स्थापना की।
अब उसे सर्वार्य इंटर कॉलेज के रूप में जाना जाता है। केशरीनाथ ने भी कक्षा दो से आठवीं तक की पढ़ाई सरयूपारीण स्कूल में ही की। अग्रवाल इंटर कॉलेज, जिसे अब इलाहाबाद इंटर कॉलेज से जाना जाता है, वहां से हाईस्कूल (1949) तथा इंटरमीडिएट (1951) में किया। उसके पश्चात् इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने बीए (1953) में पूरा किया। एलएलबी 1955 में की।