चौक में एफएमसीजी एजेंसी कर्मचारियों से 10.30 लाख रुपये लूट की साजिश एक पूर्व कर्मचारी ने रची थी। जिसमें नैनी निवासी रेस्टोरेंट मालिक व उसका कर्मचारी भी शामिल था। पुलिस ने मामले में साजिशकर्ता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 91500 रुपये बरामद किए हैं। जबकि फरार चल रहे एक आरोपी की तलाश की जा रही है।
चौक में जवाहर स्क्वॉयर के पास पिछले साल 11 मार्च को बादशाही मंडी स्थित एमदास फर्म के कर्मचारियों भगवानदास व अमित कुमार से दिनदहाड़े 10.30 लाख रुपये लूटे गए थे। फर्म मालिक संजय अग्रवाल ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर जीआईसी ओवरब्रिज के पास से ओम पांडेय, निखिल शुक्ला व पवन यादव को गिरफ्तार किया गया। इनसे 91500 रुपये के अलावा पिस्टल, तमंचा व कारतूस मिला।
पूछताछ में पता चला कि पवन संजय अग्रवाल की फर्म का पूर्व कर्मचारी है और उसने ही लूट की साजिश रची। इसमें अपने दोस्त नैनी निवासी रेस्टारेंट संचालक निखिल व उसके कर्मचारी बलिया निवासी प्रद्युम्न व ओम को शामिल किया। पवन की मुखबिरी पर ओम व प्रद्युम्न ने रुपये लूटे थे। इसमें से चार लाख ओम, 25 हजार पवन, एक लाख निखिल व बाकी की रकम प्रद्युमभन ले गया। घटना में प्रयुक्त नारंगी रंग की एफजेड बाइक निखिल ने उपलब्ध कराई थी, बाद में जिसे काले रंग से पेंट करा दिया गया था। पुलिस ने बाइक भी बरामद कर ली है। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि अखबार में फोटो छपने के बाद पुलिस से बचने के लिए उन्होंने बाइक का रंग बदलवाया।
एक और वारदात की थी प्लानिंग
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी एक और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले थे कि तभी उन्हें पकड़ लिया गया। बताया कि पवन मौजूदा वक्त मेें नमस्ते इंडिया कंपनी में कलेक्शन का काम करता है। उसने खुद को ही लूटने की साजिश अपने साथियों संग मिलकर रची थी। हालांकि इससे पहले ही बदमाश दबोच लिए गए।