इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौड़िहार के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर की गैंगस्टर मामले में जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौड़िहार के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर की गैंगस्टर मामले में जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने दिया है। इनके खिलाफ फूलपुर और सोरांव थाने में दर्ज मामलों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट (उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम) के तहत छठी बार कार्रवाई की गई थी।
विज्ञापन
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई जिन दो मुकदमों के आधार पर की गई है, उनमें उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है। मुजफ्फर 14 अक्तूबर 2023 से जेल में बंद है। वकील ने कोर्ट को मुजफ्फर के खिलाफ 51 मुकदमे दिखाए। दलील दी कि इसमें से 26 मुकदमे जेल में रहने के दौरान दर्ज किए गए। सभी मामले राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम हैं। यदि वह जेल में रहते हुए फिरौती और धमकी जैसी गतिविधियों में शामिल होता तो जेल अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होती। सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि जेल जाने से पहले ही मुजफ्फर पर 29 मामले दर्ज थे। वह एक आदतन अपराधी है।