एसएससी की कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल भर्ती की स्किल टेस्ट परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थी सॉल्वर उपलब्ध कराने वाले गैंग के सरगना का नाम नहीं बता पाए। पुलिस ने जेल भेजने से पहले उनसे घंटों पूछताछ की, लेकिन वह यही कहते रहे कि वह सरगना से केवल चाय की दुकान पर मिलते थे और उसने उन्हें अपना मोबाइल नंबर भी नहीं दिया था। जिसके बाद पुलिस की जांच भी ठप पड़ गई है।
धूमनगंज में एसएससी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा करते मुन्नाभाई समेत तीन लोगों को दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। इनमें से दो मूल अभ्यर्थी थे जिन्होंने पूर्व में हुई प्रथम चरण की परीक्षा के दौरान अपनी जगह किसी अन्य को बैठाया था। इनमें फाफामऊ का विजय पटेल और कोरांव का राघवेंद्र शामिल था। सूत्रों का कहना है कि जेल भेजने से पहले पुलिस ने उनसे घंटों पूछताछ की। पता लगाने का प्रयास किया कि आखिर वह सॉल्वर कौन थे जो लिखित परीक्षा में उनके स्थान पर बैठे।
इस पर अभ्यर्थियों ने कहा कि वह सॉल्वरों को नहीं जानते। उन्होंने बताया कि कर्नलगंज स्थित एक कोचिंग में ही एक दिन उन्हें एक युवक मिला था। जिसने उन्हें यह आश्वासन दिया था कि रुपये खर्च करने पर वह उन्हें टाइपिंग टेस्ट में पास करवा सकता है। वह उनकी जगह किसी और को बैठा देगा। अभ्यथियों का कहना था कि उसने अपना मोबाइल नंबर नहीं दिया। एक चाय की दुकान पर ही वह आकर मिलता था। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि फिलहाल आरोपी सॉल्वर उपलब्ध कराने वाले सरगना के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं। जांच पड़ताल की जा रही है।