रास्ता रोक कर प्रदर्शन करने के मुकदमे में बुधवार को प्रदेश के वन मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने स्पेशल कोर्ट (एमपी एमएलए) में सरेंडर किया। उन्होंने जमानत के लिए अर्जी प्रस्तुत की, जिस पर सुनवाई के बाद स्पेशल कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। मामले की अगली सुनवाई दस जनवरी 2019 को होगी।
यह आदेश स्पेशल जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र को सुनकर दिया है। घटना 29 मार्च 2013 की बलिया के फेफना थाने की है। तत्कालीन भाजपा के जिला अध्यक्ष उपेंद्र तिवारी पर आरोप है कि अपने समर्थकों के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था।
इस प्रकरण में बुधवार को उपेन्द्र तिवारी ने स्पेशल कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत अर्जी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के एक अन्य मुकदमे में उपेंद्र तिवारी के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट किया था। बुधवार को उन्होंने वारंट निरस्त करने की अर्जी दी । जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने वारंट निरस्त कर 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
तीन मुकदमों में दर्ज कराया बयान
प्रयागराज के कर्नलगंज थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के तीन मुकदमों में अभियोजन साक्ष्य समाप्त होने के बाद बुधवार को उपेंद्र तिवारी का बयान दर्ज किया गया। अगली सुनवाई सफाई साक्ष्य के लिए सात जनवरी 2019 की तारीख नियत की गई है।