मीरगंज (बरेली)। शेल्टर होम में खाना खाने के लिए बनाया गया स्थान बदलने को लेकर बदलने पर विवाद हो गया। एक सिपाही ने प्रवासी मजदूरों से गाली गलौज किया तो हाथापाई की नौबत आ गई, जिससे मजदूरों को आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने हंगामा करते हुए खाना खाने से इनकार कर दिया। इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को मिली तो खलबली मच गई। आनन फानन अधिकारी टीम के साथ शेल्टर होम पहुंचे और मजदूरों को शांत कराया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद मजदूरों ने खाना खाया।
मीरगंज के स्वामी दयानंद इंटर कॉलेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में करीब 40 दिन से बिहार के 29 मजदूर ठहरे हुए हैं। बृहस्पतिवार को 68 और प्रवासी मजदूरों को यहां क्वारंटीन किया गया। बिहार के जिला सुपोल के रहने वाले ज्योतिष कुमार, चंद्र किशोर, संदीप, सूरज, सुभाष, लटूर कुमार, प्रकाश कुमार आदि ने बताया कि सभी 29 मजदूर तीसरी बार क्वारंटीन हो रहे हैं। उन्हें रोजाना स्कूल के मैदान में पेड़ों के नीचे सुबह-शाम भोजन कराया जाता है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे कर्मचारी भोजन लेकर आए तो वह पहले से तय स्थान पर बैठ गए। तभी क्वारंटीन सेंटर में तैनात एक सिपाही वहां आया और एक दिन पहले ही यहां आए मजदूरों के साथ बरामदे में बैठकर खाना खाने को कहने लगा। जब उन्होंने कहा कि वह 40 दिन से यहां क्वारंटीन हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं इसलिए उन्हें नए आए लोगों के साथ बैठाने के बजाय अलग ही भोजन कराया जाए। साथ बैठकर खाना खाने से उन्हें संक्रमण का खतरा हो सकता है। इतना कहने पर सिपाही भड़क गया और गाली गलौज करने लगा। विरोध करने पर एक मजदूर और सिपाही में हाथापाई की नौबत आ गई। किसी तरह अन्य लोगों ने उन्हें अलग किया। इसके बाद गुस्साए मजदूरों ने खाना खाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वह तीन बार क्वारंटीन हो चुके हैं, लेकिन उन्हें घर नहीं भेजा जा रहा। कब तक रोज-रोज पुलिसवालों की गलियां सुनते रहेंगे। मामले की सूचना अधिकारियों तक पहुंची तो खलबली मच गई। एसडीएम राजेश चंद्र और सीओ जगमोहन सिंह बुटोला मौके पर पहुंचे और उन्होंने गुस्साए मजदूरों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद करीब सवा आठ बजे मजदूरों ने खाना खाया।
नशा न मिलने पर पंजाब के प्रवासी मजदूर ने चार दिन से नहीं खाया खाना
स्वामी दयानंद इंटर कॉलेज में ही पंजाब के 13 प्रवासी मजदूर भी क्वारंटीन हैं, इनमें एक मजदूर ने चार दिन से खाना नहीं खाया है। उसने क्वारंटीन सेंटर प्रभारी को एक प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि उसे डोडा या अफीम दिया जाए, नहीं तो वह मर जाएगा। कहा कि वह बीस साल से लगातार नशा कर रहा है। बिहार से कंबाइन लेकर वह पंजाब जा रहा था, यहां प्रशासन ने रोककर क्वारंटीन कर दिया।
वर्जन
खाना खाने को लेकर पुलिस और मजदूरों के बीच कहासुनी हो गई थी। समझाने के बाद सभी मजदूरों ने भोजन कर लिया है। अब ऐसी कोई बात नहीं है। - राजेश चंद्र, एसडीएम मीरगंज