संगम के जल से सावन के तीसरे सोमवार के जलाभिषेक के लिए भोर से ही दशाश्वमेध घाट पर कांवड़ियों का हुजूम उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद ही दशाश्वमेध घाट से लेकर दारागंज स्थित गंगा चौक तक का हिस्सा कांवड़ियों की भीड़ से पैक हो गया।
न पांवों के छालों की पीड़ा न थकने की परवाह। आस्था की डगर पर भोले भक्त बढ़े तो बढ़ते गए। कंधे पर गंगा जल की कांवड़ लिए भोलेभक्तों का कारवां दशाश्वमेध घाट के प्रयागराज-वाराणसी राजमार्ग पर इसी तरह दिन रात उमड़ता रहा। अफसरों ने लगातार दूसरे दिन भोले भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की।
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संगम के जल से सावन के तीसरे सोमवार के जलाभिषेक के लिए भोर से ही दशाश्वमेध घाट पर कांवड़ियों का हुजूम उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद ही दशाश्वमेध घाट से लेकर दारागंज स्थित गंगा चौक तक का हिस्सा कांवड़ियों की भीड़ से पैक हो गया। बोल बम केजयकारे केसाथ भक्त आस्था पथ पर बढ़ते और जल भरकर कांवड़ उठाते रहे। घाट से लेकर झूंसी के शास्त्री पुल तक कर कोना-कोना केसरिया नजर आने लगा। हुजूम की वजह से संगमनगरी शिवमय हो गई।
दिन केकरीब 11 बजे बाबा का जयकारा लगाते चल रहे कांवड़ियों पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी राकेश सिंह, डीएम संजय खत्री और एसएसपी शैलेश पांडेय ने पुष्पवर्षा शुरू कर दी। दशाश्वमेध घाट से लेकर शास्त्री सेतु, अंदावा तक हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। इस दौरान उत्साहित भक्त आसमान से बरती गुलाब की पंखुड़ियों को निहार कर निहाल होते रहे। शास्त्री पुल से लेकर झूंसी तक बोल बम की गूंज हर किसी का ध्यान खींचती रही।