बाढ़ में नष्ट हुई फसल के एवज में मिलने वाले मुआवजे की राशि छह माह बाद भी किसानों को नहीं मिली है। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर मुआवजे की राशि दिलाने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। वहीं अमिलिया कला और सोनाई के कई किसान ऐसे हैं जिनका अब तक न तो बैंक अकाउंट नंबर ही लिया गया और न ही किसी प्रकार का सर्वे ही किया गया है। प्रशासन की इस व्यवस्था से किसानों में आक्रोश है।
जुलाई माह में आई बाढ़ से मेजा के अमिलिया कला, गोसौरा खुर्द, बरहा, उरुवा सहित कई गांवों में धान की फसल डूब गई थी। ऐसे में सरकार ने सर्वे कराकर किसानों को मुआवजे की राशि देने की घोषणा की थी। अमिलिया कला की किसान शिवदेवी, सोनाई के कमलेश विश्वकर्मा, सोनाई के दिलीप विश्वकर्मा ने बताया कि अब तक राजस्व कर्मियों ने किसी प्रकार का सर्वे नहीं किया। इतना ही नहीं, किसानों का बैंक अकाउंट भी नहीं लिया गया है।
मेजा तहसील के रजिस्ट्रार काननूगो रमाशंकर शुक्ला ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 771 किसानों को मुआवजे की राशि देने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही इन किसानों के बैंक अकाउंट में मुआवजे की राशि प्राप्त हो जाएगी।