अशरफ की पत्नी जैनब को काफी बाद में पुलिस ने नामजद किया। उस पर शूटरों की आर्थिक मदद और छिपाने का आरोप लगाया गया है। जैनब काफी मुखर थी। उसने कई बार प्रेस कांफ्रेंस भी की थी। उसने तमाम अफसरों पर आरोप लगाए थे कि वे अशरफ को फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। जैनब पर कोई इनाम तो नहीं है लेकिन पुलिस अब तक उसे नहीं पकड़ पाई है।
जैनब की ही तरह अतीक की बहन आयशा नूरी भी अतीक के पक्ष में लगातार बोल रही थी। अतीक को जब पहली बार साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था तो वकील के साथ जैनब और आयशा नूरी काफिले के साथ-साथ चल रहीं थीं। आयशा ने भी जैनब के साथ मिलकर प्रेस कांफ्रेंस की थी। इतना नहीं वह लगातार अतीक के वकीलों से भी मिलकर केस की पैरवी में जुटी थी। आयशा उस वक्त संदेह के घेरे में आ गई, जब पांच लाख का इनामी गुड्डू मुस्लिम हत्या के बाद एक वायरल वीडियो में उसके मेरठ स्थित घर में दिखा।
आयशा और उसके पति अखलाक ने न सिर्फ गुड्डू की मदद की थी बल्कि असद को भी आर्थिक मदद भेजी थी। इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस ने आयशा के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में शूटरों की मदद के आरोप में आयशा और उसकी दोनों बेटियों मंतशा और उंजिला को भी शूटरों को मदद पहुंचाने के आरोप वांटेड किया गया। शाइस्ता, जैनब, आयशा नूरी, मंतशा और उंजिला महीनों से फरार हैं। पुलिस अधिकारी उन्हें पकड़ने का दावा करते हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि सर्विलांस सिस्टम और अत्याधुनिक तकनीक से लैस पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम है।
साबिर और गुड्डू मुस्लिम की तलाश में एसटीएफ फिर सक्रिय
पांच लाख के इनामी गुड्डू मुस्लिम और साबिर की तलाश में एसटीएफ फिर सक्रिय हो गई है। उनकी खोज के लिए तमाम रिश्तेदारों और करीबियों को नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक असद, गुलाम, अरबाज और विजय चौधरी उर्फ उस्मान एनकाउंटर की जांच के कारण पुलिस थोड़ी ढीली हुई थी। अब फिर से गुड्डू मुस्लिम और साबिर की तलाश तेज कर दी गई है। हत्याकांड में शामिल एक अन्य शूटर अरमान का भी अब तक कुछ पता नहीं चला है। उसकी तलाश में जल्द ही पुलिस की टीमों को बिहार भेजा जाएगा।