लापरवाही और कार्य में उदासीनता बरतने के मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई हुई। एसएसपी ने इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह समेत नैनी थाने के पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें दो चौकी प्रभारी भी शामिल हैं। आरोप है कि नैनी क्षेत्र में रहकर पिछले 10 महीने से चोर गिरोह ऑपरेट किया जाता रहा और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू करा दी गई है।
होटल कान्हा श्याम में हुई चोरी के खुलासे में लगी टीम ने जब जैकी गिरोह को पकड़ा तो पता चला कि उसके सदस्य पिछले 10 महीने से ही नैनी क्षेत्र में रहकर ऑपरेट कर रहे थे। यह भी बात सामने आई कि जुआ अड्डा संचालक पंकज सिंह ने ही इस गिरोह को अपने लॉज में शरण दे रखी थी। खास बात यह कि उसका लॉज नैनी थाने से दो किमी से भी कम दूरी पर स्थित है।
इसके बावजूद न तो नैनी इंस्पेक्टर और न ही चौकी प्रभारी, बीट आरक्षियों को इसकी भनक लग सकी। इसे कार्य में लापरवाही और उदासीनता मानते हुए पांचों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि निलंबित पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर के अलावा चौकी प्रभारी अरैल आशीष कुमार, पूर्व चौकी प्रभारी यशकरन यादव, बीट आरक्षी अजीत प्रजापति व मिश्री लाल शामिल हैं। सरकारी कार्य में जानबूझकर लापरवाही, भ्रष्टाचारियों, जुआरियों, सट्टेबाजों से सांठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।