गर्भपात महिला की मौत के मामले में सील किए गए क्लीनिक का ताला तोड़कर दवा निकालने के आरोप में पुलिस ने संचालक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
कपसा निवासी लालबाबू केसरवानी की पत्नी रेनू केसरवानी को 7 जून को पेट में दर्द होने पर कपसा स्थित आरसी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जान का खतरा बताते हुए रेनू केसरवानी के 4 माह के गर्भ का गर्भपात कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने वहां से उसको दोनइया स्थित एक नर्सिंगहोम में भेज दिया। न हालत गंभीर होने से वहां से भी उसको शहर के लिए रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
लालबाबू केसरवानी ने झोलाछाप की ओर से क्लीनिक चलाने का आरोप लगाते हुए सीएमओ प्रयागराज अरुण कुमार तिवारी से शिकायत की थी। सीएमओ ने जांच कराई तो पता चला कि अवैध ढंग से क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। सीएमओ के आदेश पर लाल बाबू की तहरीर पर क्लीनिक संचालक रामचंद्र यादव, रीता यादव, युवराज यादव और प्रेमलता जैन के खिलाफ बहरिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
सीएमओ ने मेडिकल टीम भेज कर 17 जून को क्लीनिक को सील करवा दिया। बताया जा रहा है कि बुधवार को रामचंद्र यादव अपने सहयोगियों के साथ पहुंचा और क्लीनिक के मेडिकल स्टोर का सील किया गया ताला तोड़कर दवा निकलने लगा। जानकारी होने पर लाल बाबू ने वीडियो बनाकर वायरल किया और बहरिया पुलिस को सूचना दी। बहरिया पुलिस मौके पर पहुंचकर रामचंद्र सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष बहरिया ब्रजेश सिंह ने बताया कि सील किए गए क्लीनिक का ताला तोड़कर दवा निकलते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ लिखा पढ़ी कर के कार्रवाई की जा रही है। सीएमओ को भी रिपोर्ट भेजी गई है।